नई दिल्ली: ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी। उनकी इस चेतावनी के बाद अब तेहरान भड़क गया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ट्रंप की टिप्पणी पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि देश के अंदरुनी मामलों में किसी की दखल को सख्ती से खारिज किया जाएगा। एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए ईरान के विदेशी मंत्री ने देश में हो रहे विरोध को शांतिपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि यह विरोध हाल ही में करेंसी के उतार-चढ़ाव के कारण हुई है। रिपोर्ट्स की मानें तो एक हफ्ते से चल रहे विरोध प्रदर्शन और झड़पों में देश भर में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई है।
विदेश मंत्री ने किया विरोध
ट्रंप ने एक पोस्ट में ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि इस्लामिक शासन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल का इस्तेमाल करेगा तो अमेरिका को इसमें दखलअंदाजी देनी पड़ेगी। ऐसे में ईरान के विदेश मंत्री ने ट्रंप की इन धमकियों को खतरनाक बता दिया है। उनका कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति और सभी लोगों को यह पता होना चाहिए कि सरकारी संपत्ति पर किसी भी तरह का आपराधिक हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ईरान किसी की दखल बदार्शत नहीं करेगा
विदेश मंत्री ने हिंसा की कुछ अलग-अलग घटनाओं की बात स्वीकार कर ली है परंतु विदेशी दखल के खिलाफ उन्होंने सरेआम चेतावनी दे दी है। उन्होने लिखा कि ट्रंप का यह संदेश लापरवाह और बहुत ही खतरनाक है। ऐसा पहले भी हुआ है कि ईरान के लोग अपने अंदरुनी मामलों में किसी की भी दखल को खारिज करेंगे। अराघची ने ट्रंप की धमकी पर पलटवार भी किया है। उनका कहना है कि हमारी सेनाएं तैयार हैं और संप्रभुता के खिलाफ किसी भी उल्लंघन की स्थिति में उनको पता है कि कहां निशाना लगाना है।
वहीं ईरान के दूसरे अधिकारियों ने भी अमेरिकी दखल के खिलाफ सख्त चेतावनी दे दी है। ट्रंप की इस धमकी के तुरंत बाद सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के सलाहाकर अली शामखानी ने कहा कि ईऱान की सुरक्षा एक रेड लाइन है। उन्होंने चेतावनी दी है कि किसी की भी दखल का जवाब जरुर दिया जाएगा। ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका और इजरायल पर अशांति भड़कान का आरोप लगाया है और चेतावनी भी दी है विदेशी दखल के साथ पूरी क्षेत्र में अस्थिरता फैल जाएगी।