नई दिल्लीः ईरान पर अमेरिकी और इज़रायली हमलों के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में हालात बेकाबू हो गए हैं। अपने ऊपर हो रहे हमलों के जवाब में ईरान खाड़ी देशों में मिसाइलें और ड्रोन बरसा रहा है। इजराइल ने ईरान के 500 साल पुराने गोलिस्तान पैलेस पर हमला किया है। हमले में इसका कुछ हिस्सा डैमेज हो गया, लेकिन वहां रखी गई कीमती और ऐतिहासिक चीजों को पहले ही सुरक्षित जगह पर रख दिया गया था, इसलिए वे बच गईं। इस बीच, अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सुरक्षा जोखिमों का हवाला देते हुए अपने नागरिकों को 14 खाड़ी और मध्य पूर्वी देशों को तत्काल छोड़ने को कहा है।
कांसुलर मामलों की सहायक सचिव, मोरा नामदार ने पोस्ट किया, “अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो गंभीर सुरक्षा जोखिमों के कारण नीचे दिए गए देशों में मौजूद अमेरिकियों से उपलब्ध व्यावसायिक परिवहन का उपयोग करके अभी प्रस्थान करने का आग्रह करते हैं।” विदेश मंत्रालय ने जिन देशों और क्षेत्रों की सूची जारी की है, उनमें इज़रायल (वेस्ट बैंक, गाजा), ईरान, इराक, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, कतर, जॉर्डन, लेबनान, मिस्र, बहरीन, ओमान और सीरिया है। अमेरिका-इज़रायल और ईरान के बीच चल रही जंग का आज चौथा दिन है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ईरान पर अभी और बड़े हमले होंगे और जरूरत पड़ी तो जमीनी सेना भी उतारेंगे। बता दें कि 28 फरवरी को अमेरिकी-इजरायली हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई के साथ उनके परिवार के कई लोग और ईरानी रक्षा नेतृत्व के कई लीडर्स मारे गए। इसके बाद ईरान जवाबी कार्रवाई करते हुए मिडिल ईस्ट के देशों पर लगातार हमले कर रहा है। ईरान के 130 से अधिक शहरों पर बमबारी हुई है, जिसमें अब तक 555 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर है।