चंडीगढ़ः मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े हालिया घटनाक्रमों के कारण होर्मुज स्ट्रेट (समुद्र का संकरा मार्ग) में पैदा हुई अस्थिरता ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर दिया है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी की वजह से दिल्ली के बाजारों में डाई फ्रूट्स 50% तक महंगे हो गए हैं। पैरासिटामोल के कच्चे माल की कीमत भी 47% तक बढ़ गई है। वहीं, गैस की किल्लत के कारण पिछले दो हफ्तों में 1.20 लाख नए PNG कनेक्शन बढ़ें हैं। इसके अलावा, अमेजन जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर रेडी-टू-ईट मील और पैक्ड फूड की डिमांड में 15% से ज्यादा बढ़ गई है।
इस संकट का सीधा असर अब भारत जैसे देशों पर भी दिखने लगा है, जहां एलपीजी की आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। इसी अनिश्चितता के बीच पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी की मांग में अचानक तेजी देखी जा रही है। लोग अब एलपीजी ऐसे विकल्प की ओर बढ़ रहे हैं, जो आयात पर कम निर्भर हो और जिसमें सप्लाई बाधित होने का खतरा कम हो। वहीं रसोई गैस के संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने लोगों से पैनिक बाइंग (घबराहट में बुकिंग) न करने की अपील की है। वहीं, पिछले दो हफ्तों में रिकॉर्ड 1.20 लाख नए पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन जोड़े गए हैं।
कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए सरकार ने देशभर में अब तक 12 हजार से ज्यादा छापे मारे गए। 15 हजार से अधिक सिलेंडर जब्त किए हैं।भारत के लिए यह चुनौती इसलिए और बड़ी है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है, जिसमें से अधिकांश हिस्सा मध्य पूर्व से आता है। ऐसे हालात में अब पीएनजी एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में तेजी से उभर रही है। यह गैस पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों तक पहुंचती है, जिससे सिलेंडर की आवश्यकता खत्म हो जाती है और सप्लाई लगातार बनी रहती है।
यही वजह है कि पंजाब के कई शहरों में उपभोक्ता तेजी से एलपीजी से पीएनजी की ओर रुख कर रहे हैं। पंजाब में भी इस बदलाव की झलक देखने को मिल रही है। यहां गुजरात गैस लिमेटिड (जीजीएल) और थिंक गैस जैसी कंपनियां पीएनजी सुविधा दे रही हैं। अमृतसर, बठिंडा और गुरदासपुर में जीजीएल, जबकि लुधियाना और जालंधर में थिंक गैस यह सेवा उपलब्ध करवा रही है। अभी पीएनजी की पाइपलाइन सभी क्षेत्रों तक नहीं पहुंची है। इसका विस्तार लगातार जारी है। लोग इसकी स्थिति की जानकारी संबंधित कंपनियों के ऑफीशियल पेज से प्राप्त कर सकते हैं।
