कुवैतः ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच जंग के 20वें दिन हालात और खराब हो गए हैं। ईरान ने कतर में दुनिया के सबसे बड़े लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) प्लांट पर मिसाइल दाग, डोनाल्ड ट्रंप को भड़का दिया है। वहीं कुवैत में अब एक और रिफाइनरी पर ड्रोन अटैक कर दिया गया है। मीना अब्दुला पर ड्रोन अटैक करके निशाना बनाया गया। कंपनी के अनुसार, मीना अल-अहमदी रिफाइनरी में एक ऑपरेशनल यूनिट पर ड्रोन के टकराने से “सीमित आग” लग गई। यह रिफाइनरी कुवैत सिटी से करीब 50 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है।
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कुवैत की न्यूज एजेंसी के मुताबिक, आग पर “अधिकतम सिक्योरिटी स्टैंडर्ड” के तहत तुरंत काबू पा लिया गया और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। इसके कुछ समय बाद ही मीना अब्दुल्ला रिफाइनरी में भी ड्रोन हमला हुआ, जिससे एक अन्य ऑपरेशनल यूनिट में आग लग गई। कंपनी ने कहा कि सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाए गए और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। साथ ही, पूरी सुविधा (फैसिलिटी) को सुरक्षित कर लिया गया है। दोनों घटनाओं के बाद तेल प्रोडक्शन और आपूर्ति पर तत्काल कोई बड़ा असर नहीं बताया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया गया। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, तेल रिफाइनरियों पर इस तरह के हमले वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए चिंता का विषय बन सकते हैं, खासकर ऐसे समय में जब पहले से ही भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है। इस हमले के जवाब में ईरान ने कतर की एलएनजी प्लांट को निशाना बनाया है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आश्वासन दिया है कि इजरायल, अब ईरान के प्रमुख साउथ पार्स गैस क्षेत्र पर कोई और हमला नहीं करेगा, लेकिन अगर ईरान ने कतर पर फिर से हमला किया, तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई करेगा और पूरे क्षेत्र को उड़ा देगा।
ईरान और इजरायल के हमलों में दोनों और बड़े पैमाने पर आग लगी और भारी नुकसान हुआ है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कहा कि ईरान को बिना किसी शर्त के हार माननी होगी। अगर ईरान ऐसा नहीं करता है, तो कोई बातचीत नहीं होगी। इस जंग का मकसद ईरान की नौसेना, परमाणु ठिकाने और आतंकी नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना है। हालांकि, ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपनी आखिरी सांस तक इस जंग को लड़ेगा।
