नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में जंग का आज नौवां दिन है। बीते दिन ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने घोषणा की कि ईरान अब किसी भी पड़ोसी देश पर हमला नहीं करेगा, जब तक कि ईरान पर होने वाला हमला उसी देश की जमीन से न किया जाए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब खाड़ी देश ईरानी मिसाइलों और ड्रोन हमलों के खतरे में हैं। इजरायल और अमेरिका ने अब ईरान में स्थित बड़े ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला बोलना शुरू कर दिया है।
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ईरान की राजधानी तेहरान में स्थित सबसे बड़े शहरान तेल डिपो पर इजरायल ने बड़ा हमला किया है। हमले के बाद तेल डिपो में भीषण आग लग गई है। आग लगने के बाद तेल डिपो में हवा में धुआं का गुबार दिखाई दिया। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, शनिवार (7 मार्च) देर रात इजरायली हमले के बाद उत्तरी तेहरान के बाहरी इलाके में स्थित शहरान तेल डिपो में लगी भीषण आग की फुटेज सामने आई है।
इजरायली सेना ने फ्यूल स्टोरेज और उससे जुड़ी जगहों पर हमला करने की जिम्मेदारी ली है। इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने कहा है कि उसने इंटेलिजेंस गाइडेंस पर काम करते हुए तेहरान में कई ईरानी फ्यूल डिपो पर हमला किया। हमले के बाद मौके से कई विजुअल्स सामने आए हैं। इसमें शहरान ऑयल डिपो से आग और धुएं के गुबार उठते दिख रहे हैं।
IDF ने एक बयान में कहा, “ईरानी आतंकी शासन की फोर्सेज मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर को चलाने के लिए इन फ्यूल टैंकों का सीधा और बार-बार इस्तेमाल करती हैं। इनके जरिए, ईरानी आतंकी शासन ईरान में मिलिट्री एंटिटीज सहित अलग-अलग कंज्यूमर्स को फ्यूल बांटता है।”
बयान में कहा गया है कि यह हमला ईरानी आतंकी शासन के मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर को हुए नुकसान को और गहरा करने की दिशा में एक और कदम है। इससे पहले, ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया कि राजधानी के मेन रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स के पास दक्षिणी तेहरान में एक तेल डिपो पर हमला हुआ।