नई दिल्लीः इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग लगातार जारी है। इस बीच इजराइल ने ईरान के 500 साल पुराने गोलिस्तान पैलेस पर हमला किया है। हमले में इसका कुछ हिस्सा डैमेज हो गया, लेकिन वहां रखी गई कीमती और ऐतिहासिक चीजों को पहले ही सुरक्षित जगह पर रख दिया गया था, इसलिए वे बच गईं। वहीं ईरान भी अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में ताबड़तोड़ मिसाइलें बरसा रहा है। ईरान मिडिल ईस्ट में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाने के बाद अब उसके दूतावासों को निशाना बना रहा है।
मंगलवार को सऊदी अरब की राजधानी रियाद और कुवैत में स्थित अमेरिकी दूतावासों पर ईरान ने ड्रोन हमले किए। बढ़ते तनाव के बीच, संयुक्त राज्य अमेरिका ने एक आपातकालीन एडवाइजरी जारी की और अपने नागरिकों से मिडिल ईस्ट के एक दर्जन से अधिक देशों से ‘तुरंत प्रस्थान’ करने को कहा है। एडवाइजरी में ‘गंभीर सुरक्षा जोखिमों’ का हवाला दिया गया है। सऊदी अरब की राजधानी रियाद में स्थित अमेरिकी दूतावास पर मंगलवार (3 मार्च) को ड्रोन हमला हुआ। अंतर्राष्ट्रीय न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से पुष्टि की कि रियाद स्थित दूतावास परिसर में आग लग गई और धमाके की आवाज सुनी गई।
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि रियाद में अमेरिकी दूतावास पर दो ड्रोन से हमला हुआ, जिससे सीमित आग लगी और इमारत को मामूली भौतिक नुकसान पहुंचा। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, दूतावास ‘दो यूएवी (मानवरहित हवाई वाहन) से निशाना बनाया गया, जिन्होंने चांसरी की छत और उसकी परिधि को क्षतिग्रस्त किया।’ फिलहाल किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। शुरुआती रिपोर्टों में यह उल्लेख नहीं किया गया है कि हमला किस समूह ने किया। अभी तक किसी भी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस घटना को ‘सीमित आग’ बताया, जिससे ‘मामूली नुकसान’ हुआ।