नई दिल्ली: ईरान ने भारतीयों को एक बड़ा झटका दिया है। भारतीयों के लिए 22 नवंबर से बिना वीजा प्रवेश की सुविधा ईरान ने बंद कर दी है। यह कदम इसलिए उठाया है क्योंकि भारतीयों को नकली नौकरी देने के नाम पर ईरान भेजने, वहां पर तस्करी करने और फिरौती के लिए अगवा करने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। सरकार ने यह साफ कर दिया है कि यह प्रतिबंध सभी भारतीय सामान्य पासपोर्ट धारकों पर लागू हो जाएगा। अब ईरान में कदम रखने से लेकर सिर्फ एयरपोर्ट के रास्ते ट्रांजिट करने तक हर स्थिति में वीजा अनिवार्य कर दिया गया है।
इस वजह से बैन किया फ्री वीजा
ईरान ने यह साफ कर दिया है कि यह बदलाव सिर्फ कागजी नियम नहीं है बल्कि उसकी बुनियाद कुछ गंभीर मुद्दों पर भी है। भारत के विदेश मंत्रालय ने तुरंत एक चेतावनी जारी की है। इस चेतावनी में उन्होंने खासतौर पर ऐसे एजेंटों से सावधान रहने के लिए कहा है जो वीजा-मुक्त ट्रैवल का झांसा देकर लोगों को लूटने की कोशिश कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पिछले कुछ समय में कई भारतीयों को नौकरी या तीसरे देश ट्रांजिट के नाम पर ईरान भेजा गया था।
इस दौरान कई लोग अपहरण का शिकार भी हुए थे और उनकी रिहाई पूरे पैसे के लिए हुआ करती थी। फिरौती मांगने जैसी घटनाएं भी इस दौरान सामने आई। ईरान ने बताया कि यह कदम सिर्फ आपराधिक तत्वों के द्वारा वीजा-मुक्त व्यवस्था का दुरुपयोग रोकने के लिए उठाया गया है। इस कदम के अनुसार, अब एयरलाइनों को भी यात्रियों की बोर्डिंग करवाते समय वीजा चेक करना जरुरी होगा। बिना सही वीजा वाले भारतीय यात्रियों को एयरपोर्ट पर उतरने के बाद देश में एंट्री नहीं मिलेगी।
पहले भी दी थी विदेश मंत्रालय ने चेतावनी
इससे पहले भी विदेश मंत्रालय ने ऐसा अलर्ट जारी किया था। उन्होंने कहा था कि क्योंकि काफी समय से भारतीय ईरान पहुंचने के बाद आपराधिक गिरोहों के द्वारा अगवा कर लिए जाते हैं और इसके बाद उनकी रिहाई के लिए परिवार वालों से भारी रकम मांगी जाती है। यही कारण है कि विदेश मंत्रालय ने कहा कि किसी भी नौकरी या वर्क-ट्रैवल से जुड़े ऑफर की पूरी तरह से जांच की जाए। जॉब स्कैम और मानव तस्करी के मालमों को देखते हुए यह कदम बेहद जरुरी है।
