ऊना/सुशील पंडित: हिमाचल सरकार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के पात्र परिवारों को पक्का मकान बनाने के लिए स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के तहत 1.50 लाख रुपये की आर्थिक मदद प्रदान कर रही है। यह सहायता उन्हीं लोगों को दी जाती है जिनके नाम पर भूमि पंजीकृत हो और जिनकी वार्षिक आय 50 हजार रुपये से अधिक न हो। लाभार्थियों को अपने आवेदन तहसील कल्याण अधिकारी के कार्यालय में सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा करवाने होते हैं।
यह जानकारी सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से संबद्ध नाट्यदल पूर्वी कलामंच जलग्रां टब्बा ने दी। नाट्य दल ने आज (सोमवार) से शुरू हुए जागरूकता अभियान के दूसरे चरण में बंगाणा उपमंडल के तहत बल्ह खोली और तनोह गांवों में गीत-संगीत और नुक्कड़ नाटकों के जरिए ग्रामीणों को विभिन्न जनहितकारी योजनाओं के बारे में जागरूक किया।
कलाकारों ने बताया कि स्वर्ण जयंती आश्रय योजना उन गरीब परिवारों के सपनों को साकार कर रही है, जिनके पास खुद की जमीन तो है, लेकिन सीमित संसाधनों के कारण वे पक्का मकान नहीं बना पाते। इसके साथ ही ग्रामीणों को मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना, इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना, इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना और नशा निवारण जैसे विषयों पर भी जानकारी दी गई। कलाकारों ने नशे को एक गंभीर सामाजिक बुराई बताते हुए लोगों से नशे से दूर रहने और समाज को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की।
उल्लेखनीय है कि अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विभिन्न योजनाएं और कार्यक्रम चला रही है। इन्हें गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए सांस्कृतिक दलों के माध्यम से विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया गया है।
इस मौके पर बल्ह खोली के उप प्रधान गोरख राम, ग्राम पंचायत तनोह के प्रधान शकुंतला देवी, वार्ड सदस्य अनीता देवी, प्रकाश चंद, रीना देवी, मनीषा रानी, मदद लाल सहित स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
