खेल: भारत के युवा निशानेबाज धनुष श्रीकांत ने टोक्यो में चल रहे डेफलिंपिक्स में पुरुष 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतकर भारत का नाम रोशन कर दिया है। 23 साल के धनुष ने फाइनल में 25.2 अंक बनाते हुए डेफ फाइनल वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। वहीं भारत के मोहम्मद मुतर्जा वानिया ने 250.1 अंक के साथ रजत पदक अपने नाम किया है। दक्षिण कोरिया के बैक स्यूंघाक को 223.6 अंक के साथ कांस्य पदक मिला है।
क्वालिफिकेशन राउंड में भी बनाया रिकॉर्ड
धनुष ने क्वालिफिकेशन राउंड में 630.6 अंक बनाकर डेफलिंपिक्स रिकॉर्ड बनाया है। वहीं मुर्तजा 626.3 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे हैं। फाइनल में धनुष ने न सिर्फ डेफलिंपिक्स रिकॉर्ड तोड़ा है बल्कि डेफ फाइनल वर्ल्ड रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है। यह उनके करियर का दूसरा पुरुष 10 मीटर एयर राइफल डेफलिंपिक्स स्वर्ण है। 2022 के कैक्सियास डू सुल डेफलिंपिक्स में उन्होंने व्यक्तिगत और मिक्सड टीम दोनों में गोल्ड जीते थे।
महित संदू के साथ होगा मुकाबला
धनुष अब सोमवार को महित संधू के साथ 10 मीटर एयर राइफल मिश्रित टीम इवेंट में उतरेंगे। वहां उनका लक्ष्य अपने करियर का चौथा डेफलिंपिक्स स्वर्ण हासिल करना होगा।
वहीं यदि महिला 10 मीटर एयर राइफल की बात करें तो भारत की महित संधू ने 250.0 अंक के साथ रजत पदक जीता है। भारत की कोमल वाघमारे 228.3 के साथ कांस्य मिला है। वहीं यूक्रेन की लिडकोवा वायोलेटा ने 252.4 अंक के विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण जीता है।
धनुष की मां को था पूरा भरोसा
धनुष की मां आशा श्रीकांत ने कहा कि – धनुष कल काफी आत्मविश्वास में था। उसकी रैंकिंग पिछले साल से थोड़ी उतार-चढ़ाव में थी परंतु यह प्रदर्शन उसके लिए बहुत ही प्रेरणादायक है। उन्होंने बताया कि धनुष पहले भी राष्ट्रीय स्तर पर नंबर 1 पर पहुंच चुका है। बचपन से ही धनुष की दो बार कोक्लियर इंप्लाट सर्जरी हो चुकी है। पहले एक साल की उम्र में हुई थी और दूसरी नौ साल की उम्र में। उन्होंने आगे कहा कि – वह मशीन के साथ सुनता है और कुछ ही शब्द बोल पाता है और ज्यादातर इशारों के जरिए ही समझता है।
