ऊना/सुशील पंडित: आईआईआईटी ऊना, 13 नवंबर 2025: आईआईआईटी ऊना ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की दृष्टि और भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की पहलों के अनुरूप, छात्रों में समग्र शिक्षा और कल्याण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से, योग सत्रों की एक श्रृंखला का शुभारंभ किया है। इन सत्रों का उद्देश्य प्रथम वर्ष के बी.टेक. छात्रों में शारीरिक फिटनेस, भावनात्मक संतुलन और मानसिक एकाग्रता विकसित करना है।

योग के प्रति गहन समझ प्रदान करने के लिए एक विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया, जिसका नेतृत्व प्रसिद्ध योग विशेषज्ञ एवं प्रशिक्षक सुश्री शिखा मंकोटिया ने किया। वह आने वाले सत्रों की श्रृंखला का संचालन भी करेंगी, जिनका उद्देश्य लचीलापन, एकाग्रता और तनाव प्रबंधन में सुधार लाने के लिए व्यावहारिक योग तकनीकों और ध्यान अभ्यासों को सिखाना है।
संस्थान के निदेशक प्रो. मनीष गौड़ ने आधुनिक शिक्षा में योग की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा, “योग एक कालातीत भारतीय परंपरा है जो शरीर और मन के सामंजस्य को स्थापित करती है। शैक्षणिक परिवेश में योग को सम्मिलित करने से छात्रों में संतुलन, एकाग्रता और दृढ़ता का विकास होता है, जो व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक सफलता के लिए आवश्यक है।” प्रो. गौड़ ने यह भी उल्लेख किया कि ऐसी पहलें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना को साकार करती हैं, जो मूल्य-आधारित, अनुभवात्मक और स्वास्थ्य-केंद्रित शिक्षा को बढ़ावा देती है। उन्होंने छात्रों को नियमित रूप से योगाभ्यास करने के लिए प्रेरित किया ताकि वे शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्पष्टता और भावनात्मक स्थिरता बनाए रख सकें।
कार्यक्रम का समापन सुश्री मंकोटिया द्वारा संचालित एक संक्षिप्त ध्यान सत्र से हुआ, जिसके बाद छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए और आगामी सत्रों के प्रति उत्साह व्यक्त किया। आईआईआईटी ऊना ऐसे प्रयासों के माध्यम से पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक शिक्षण प्रणाली के समन्वय से एक स्वस्थ, सक्रिय और जागरूक परिसर वातावरण के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।