हरियाणा: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित खरीफ कृषि मेला-2026 का शुभारंभ करते हुए किसानों, वैज्ञानिकों और नवाचार को एक मंच पर लाने की पहल को सराहा। उन्होंने कहा कि हिसार की मिट्टी मेहनत, पशुधन समृद्धि और वीर सैनिकों की कुर्बानियों की गवाही देती है। राखीगढ़ी हमारी प्राचीन सभ्यता का गौरव है, जबकि अग्रोहा की धरती महाराजा अग्रसेन के सामाजिक समरसता और व्यापारिक वैभव की कहानी कहती है। कृषि मेले में पहुंचने पर सर्वप्रथम मुख्यमंत्री ने शहीदी दिवस के अवसर पर अमर शहीद भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव की प्रतिमाओं पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के विस्तार शिक्षा विभाग, कपास अनुभाग, तिलहन विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा किसानों को जानकारी देने के लिए प्रकाशित की गई पुस्तकों का भी विमोचन किया। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर श्री बीआर कांबोज ने कृषि मेले में पहुंचने पर मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह के रूप में समृद्ध किसानी का प्रतीक हल भी भेंट किया और कहा कि आज नवरात्रि के पावन अवसर पर मां स्कंदमाता की आराधना और शहीद भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव के शहीदी दिवस का संयोग हमें त्याग, तपस्या और समर्पण का संदेश देता है। इसी भावना के साथ कृषि मेले का आयोजन किया गया है, जो “सतत कृषि-समृद्धि की राह” विषय पर आधारित है।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित यह मेला किसानों की मेहनत और वैज्ञानिकों की दूरदृष्टि का प्रतीक है। विश्वविद्यालय ने उन्नत बीज, जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य और जलवायु-स्मार्ट कृषि के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भिवानी जिले के गोकुलपुरा में 64 एकड़ में 11.67 करोड़ रुपये की लागत से बने पोषक अनाज अनुसंधान केंद्र का भी उद्घाटन किया गया है। फसल विविधीकरण और मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के तहत किसानों को वैकल्पिक फसलें अपनाने पर 8 हजार रुपये प्रति एकड़ की सहायता दी जा रही है। अब तक 2.20 लाख एकड़ क्षेत्र में इस योजना के तहत 157 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं।
वर्तमान में प्रदेश में 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रही है और ई-खरीद पोर्टल के माध्यम से 12 लाख किसानों को 1.64 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। फसल खरीद का भुगतान अब 48 घंटे के भीतर किया जा रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ योजना के तहत 20 लाख किसानों को 7,562 करोड़ रुपये और फसल बीमा के तहत 16,160 करोड़ रुपये के क्लेम की राशि भी दी गई है। बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए भावांतर भरपाई योजना के तहत 35 हजार से अधिक किसानों को 157 करोड़ रुपये की राशि भावांतर भरपाई के रूप में दी गई है।
इस अवसर पर अपने संबोधन में प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने खेती में कीटनाशकों व अत्यधिक खाद के प्रयोग तथा अंधाधुंध पानी के दोहन पर चिंता जताते हुए कहा कि यदि हमने समय रहते वैकल्पिक उपाय नहीं किए तो हमारी जमीने बंजर हो जाएंगी। नलवा से विधायक रणधीर पनिहार ने मुख्यमंत्री तथा अन्य मेहमानों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा, पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ कमल गुप्ता, विधायक सावित्री जिंदल, विधायक विनोद भयाणा, भाजपा प्रदेश महामंत्री सुरेंद्र पूनिया, लुवास के कुलपति डॉ विनोद कुमार, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव पंकज अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य नेता एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
