चंडीगढ़ः उपभोक्ता आयोग ने बुजुर्ग दपंति को एयरपोर्ट पर व्हीलचेयर न देने के मामले में इंडियो एयरलाइंस को एक लाख रुपए जुुर्माना लगाया है। दरअसल, चंडीगढ़ से बेंगलुरु सफर कर रहे सेक्टर-46 के रहने वाले 70 वर्षीय सुनील जंद और उनकी पत्नी 67 वर्षीय वीणा कुमारी ने 11 अक्टूबर 2023 को सफर के दौरान एयरपोर्ट पर व्हीलचेयर न देने पर उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज की थी। जिसके इंडियो एयरलाइंस पर एक लाख रुपये हर्जाना लगाया है। दपंति ने कहा कि 2023 को उन्होंने इंडिगो एयरलाइंस से सफर किया।
उनकी टिकट बुकिंग में दो व्हीलचेयर भी शामिल थीं, लेकिन जब वे चंडीगढ़ एयरपोर्ट पहुंचे तो उन्हें काफी देर तक व्हीलचेयर का इंतजार करना पड़ा। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाए कि एयरलाइन स्टाफ ने भी उनके साथ बदसलूकी की। पीड़ित दपंति का आरोप है कि बेंगलुरु एयरपोर्ट पहुंचने पर भी उनके साथ ऐसा ही व्यवहार हुआ। इसलिए उन्होंने एयरलाइन के खिलाफ उपभोक्ता आयोग में शिकायत दी। आयोग ने उनकी शिकायत पर एयरलाइन को सेवा में लापरवाही का दोषी माना और बुजुर्ग दंपती को 50-50 हजार रुपये हर्जाना दिए जाने का फैसला सुनाया। सुनील जंद ने शिकायत में बताया कि उन्हें बेंगलुरु में अपने दोनों घुटनों का आपरेशन करवाना था।
पत्नी की पहले ही घुटनों की सर्जरी हुई थी। उन्होंने टिकट में दो व्हीलचेयर की भी बुकिंग करवाई थी। फ्लाइट को चंडीगढ़ से शाम 4.45 बजे उड़ान भरना था। जब वे चंडीगढ़ एयरपोर्ट पहुंचे तो उन्हें व्हीलचेयर ही नहीं दी गई। उन्होंने स्टाफ से पूछा तो जवाब मिला कि वे इंडिगो विंडो पर जाकर बात करें। करीब 40 फीट दूरी पर इंडिगो की विंडो थी और वे बड़ी मुश्किल से वहां तक पहुंचे। फिर उन्हें व्हीलचेयर से बिजनेस लाउंज तक छोड़ दिया गया। क्योंकि अभी फ्लाइट रवाना होने में एक घंटा बचा था। उन्हें स्टाफ ने लाउंज में छोड़ तो दिया लेकिन बोर्डिंग के वक्त उन्हें कोई लेने नहीं पहुंचा।
फ्लाइट रवाना होने से 10 मिनट पहले उन्हें व्हीलचेयर से विमान तक पहुंचाया गया। इस दौरान उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बेंगलुरु एयरपोर्ट पर भी उनके साथ ऐसा ही व्यवहार हुआ। वहां भी उन्हें व्हीलचेयर के लिए इंतजार करना पड़ा। सुनील जंद ने शिकायत में उन्होंने स्टाफ के इस व्यवहार के खिलाफ शिकायत कर दी। हद तो तब हो गई जब एयरलाइन के मैनेजर जफर नकवी ने उनसे माफी मांगते हुए उन्हें दो हजार रुपये का वाउचर देने की कोशिश की। इसलिए उन्होंने एयरलाइन के खिलाफ उपभोक्ता आयोग में केस दायर किया था।
