नई दिल्ली: अमेरिका के मिनियापोलिस में इमीग्रेशन एजेंटों के 37 साल एलेक्स प्रीटी को गोली मारने की घटना का नए सिरे से विरोध प्रदर्शन शुरु हो गया है। इससे पहले 7 जनवरी को अमेरिकी नागरिक रेनी गुड की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) ने कहा कि प्रीटी ने पिस्तौल लेकर एजेंटों के पास जाने की कोशिश की और फिर निहत्था करने पर हिंसा की।
वायरल हुआ वीडियो
सोशल मीडिया पर इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है इस वीडियो में प्रीटी बर्फ से ढके फुटपाथ पर महिला प्रदर्शनकारी को केमिकल छिड़काव से बचाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं उसी दौरान एक एजेंट उन्हें बर्फीली सड़क पर खींच लेता है।
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— Encounter India (@Encounter_India) January 25, 2026
आखिर कौन थे एलेक्स जेफरी प्रीटी?
37 साल के एलेक्स जेफरी प्रीटी अमेरिकी वयोवृद्ध मामलों के विभाग में काम करते थे और 7 जनवरी को आव्रजन अधिकारी के द्वारा रेनी गुड की हत्या के बाद आयोजित विरोध प्रदर्शनों में शामिल हुए थे। प्रीटी अमेरिकी नागरिक थे और उनका जन्म इलिनोइस में हुआ। अदालती दस्तावेजों से यह पता चला है कि उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था और उनके परिवार ने बताया कि पुलिस के साथ उनका संपर्क कुछ यातायात चालानों तक ही सीमित था।
रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में एक फॉन कॉल के दौरान कोलोराडो में रहने वाले उनके माता-पिता ने उन्हें विरोध प्रदर्शनों में भाग लेते समय सुरक्षित रहने के लिए कहा था। डीएचएस ने इस घटना को हमला बताया है और कहा है कि सीमा गश्ती दल के एक अधिकारी ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की जब एक व्यक्ति कथित तौर पर बंदूक लिए पास आया और अधिकारियों के द्वारा बंदूक छीनने की कोशिश करने पर उसने विरोध जताया है। हालांकि आस-पास मौजूद लोगों के द्वारा बनाए गए वीडियो में प्रीटी को बंदूक के जगह मोबाइल फोन पकड़े हुए दिखाया गया है। फुटेज में वो उन प्रदर्शनकारियों की मदद करने की कोशिश करते दिख रहे हैं उन्हें अधिकारियों ने जमीन पर गिरा दिया था।