ऊना /सुशील पंडित : भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान ऊना (आईआईआईटी ऊना), जो शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है, ने शैक्षणिक सत्र 2026–27 से एम.एससी. गणित एवं कंप्यूटिंग नामक नया स्नातकोत्तर कार्यक्रम शुरू किया है। यह कार्यक्रम कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा, वित्तीय विश्लेषण और उन्नत कंप्यूटिंग जैसे तेजी से बढ़ते तकनीकी क्षेत्रों में विशेषज्ञों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह दो वर्षीय कार्यक्रम गणित और कंप्यूटिंग का समन्वय करता है, जिससे छात्रों को मजबूत विश्लेषणात्मक सोच के साथ आधुनिक कंप्यूटिंग और प्रोग्रामिंग कौशल भी प्राप्त होंगे। पाठ्यक्रम में रैखिक बीजगणित (Linear Algebra), प्रायिकता (Probability), डेटा स्ट्रक्चर एवं एल्गोरिद्म, डेटाबेस प्रबंधन प्रणाली, मशीन लर्निंग, क्रिप्टोग्राफी और पैरलल कंप्यूटिंग जैसे विषय शामिल हैं।
साथ ही, छात्रों को वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान पर आधारित प्रोजेक्ट कार्य भी कराया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप, कार्यक्रम में प्रथम वर्ष के बाद डिप्लोमा के साथ बाहर निकलने (Exit Option) की सुविधा भी उपलब्ध है | आज लगभग हर क्षेत्र में डेटा और डिजिटल तकनीकों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में गणित और कंप्यूटिंग दोनों की समझ रखने वाले युवाओं की मांग उद्योग जगत में लगातार बढ़ रही है। यह कार्यक्रम छात्रों को डेटा साइंस, मशीन लर्निंग, सॉफ्टवेयर विकास, साइबर सुरक्षा, वित्तीय विश्लेषण, अनुसंधान एवं विकास जैसे क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करेगा। छात्र आगे उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में भी अपना करियर बना सकते हैं। कार्यक्रम में प्रवेश आईआईटी जैम (IIT JAM) के अंकों के आधार पर सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग फॉर एम.एससी./एम.एससी. (टेक.) एडमिशन (CCMN) के माध्यम से किया जा रहा है। काउंसलिंग प्रक्रिया वर्तमान में जारी है। प्रारंभिक चरण में कार्यक्रम में 30 विद्यार्थियों का प्रवेश लिया जाएगा, जिससे उन्हें बेहतर शैक्षणिक मार्गदर्शन और व्यक्तिगत सीखने का अवसर मिल सकेगा।
कार्यक्रम के शुभारंभ पर आईआईआईटी ऊना के निदेशक प्रो. मनीष गौर ने कहा, “डेटा आधारित उद्योगों के तेजी से विस्तार के साथ आज ऐसे विशेषज्ञों की आवश्यकता बढ़ रही है जो केवल सॉफ्टवेयर चलाना ही नहीं, बल्कि उसके पीछे के गणितीय सिद्धांतों और एल्गोरिद्म को भी समझते हों। यह कार्यक्रम छात्रों को गणित और कंप्यूटिंग दोनों क्षेत्रों की मजबूत समझ प्रदान करेगा, जिससे उनके लिए डेटा साइंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, वित्तीय प्रौद्योगिकी और अन्य उभरते क्षेत्रों में उत्कृष्ट करियर अवसर उपलब्ध होंगे।” एम.एससी. गणित एवं कंप्यूटिंग कार्यक्रम की शुरुआत के साथ आईआईआईटी ऊना राष्ट्रीय महत्व के उभरते क्षेत्रों में अपने शैक्षणिक कार्यक्रमों का विस्तार कर रहा है और छात्रों को तकनीक, अनुसंधान तथा नवाचार के क्षेत्र में सफल करियर बनाने के नए अवसर प्रदान कर रहा है। इच्छुक अभ्यर्थी प्रवेश पुस्तिका, पात्रता मानदंड और शुल्क संबंधी जानकारी संस्थान की वेबसाइट www.iiitu.ac.in पर प्राप्त कर सकते हैं।