ऊना/सुशील पंडित : केंद्र की मोदी सरकार ने भले ही जम्मू कश्मीर में धारा 370 को हटाकर दुनिया भर में एक बड़ा संदेश दिया है , लेकिन ब्रिटिश हुकूमत के जमाने से लागू इससे भी खतरनाक धारा 3 ए जोकि डाक विभाग के जीडीएस कर्मियों के लिए अंग्रेज हुकूमत ने लागू की थी, अभी तक किसी भी पार्टी की केंद्र सरकार इसे हटाने की हिम्मत नहीं जुटा पाई है। यही कारण है कि इसी बेहद खतरनाक धारा 3 ए के चलते डाक विभाग की रीड की हड्डी माने जाने वाले जीडीएस का सबसे अधिक शोषण अगर कहीं हो रहा है तो डाक विभाग में हो रहा है। शिवसेना हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष एवं अधिवक्ता शिवदत्त वशिष्ठ ने कहा कि 21वी सदी का सबसे शोषित तबका अगर कोई है तो वे देश का जीडीएस है। 3ए में जो प्रमुख पहले 10 प्रावधान है उनके अनुसार तो यह वर्ग तो शोषण के लिए ही डाक विभाग में भर्ती किया गया है। शिवदत्त वशिष्ठ के अनुसार 3, ए के उपनियम ,7 तथा 9 से पता चलता है कि इस वर्ग को अपनी मांग उठाने का भी हक नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश हुकूमत ने इस प्रकार के असंवैधानिक नियम लागू करके शोषण की सभी हदों को पार कर दिया है और हैरानी की बात यह है कि देश की आजादी के 75 वर्षों बाद भी भारत सरकार डाक विभाग के जीडीएस पर लागू उस धारा को आज दिन तक समाप्त ही नहीं कर पाई है। इसमें न केवल वर्तमान केंद्र सरकार, बल्कि पूर्व में सत्ता सुख भोगने वाली केंद्र सरकारें भी उतनी ही दोषी हैं। डाक विभाग से सेवानिवृत कर्मचारी नेता हरभजन सिंह गुलेरिया ने कहा कि जब कश्मीर में धारा 370 हटाई जा सकती है तो जीडीएस के लिए लागू धारा 3ए को क्यों नहीं हटाया जा सकता यह बड़ा सवाल है। कहा कि इसी रूल की आड़ लेकर डाक विभाग की अवसरशाही देश भर के जीडीएस का जमकर शोषण करती आ रही है। हैरत की बात यह कि किसी भी पार्टी को इस सबसे शोषित वर्ग की समस्या दिखाई ही नहीं दे रही है। अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ के राष्ट्रीय महासचिव एसएस महादेविया ने कहा कि केंद्र सरकार की दमनकारी नीति के चलते देश भर के 2 लाख 70 हजार ग्रामीण डाक कर्मी हड़ताल के लिए विवश हुए थे, लेकिन हड़ताल को स्थगित किया गया है, खत्म नहीं। उन्होंने कहा कि आज दिन तक सभी नेताओं ने उन्हें केवल आश्वासन ही दिए हैं धरातल पर उनकी मांगों तथा समस्याओं को हल करवाने की दिशा में कोई पहल नहीं की है।
सबसे शोषित तबका अगर कोई है तो वे देश का जीडीएस : शिव दत्त वशिष्ठ
Disclaimer
All news on Encounter India are computer generated and provided by third party sources, so read and verify carefully. Encounter India will not be responsible for any issues.
- Advertisement -
- Advertisement -
- Advertisement -