पंचकूला: नए साल के चलते लोगों में अलग ही उत्साह देखने को मिला। शाम होने तक पंचकूला के सभी क्लबों में भीड़ बढ़ गई थी। ऐसे में 9 बजे के बाद सभी क्लबों के बाहर सोल्ड आउट के बोर्ड लग गए थे। लोकल थाना के अंतर्गत भी नाकेबंद रही।
सभी नाकों पर चेकिंग के लिए एसीपी सुरिंदर, डीसीपी क्राइम मनप्रीत सूदन और सृष्टि गुप्ता मौजूद रही। क्राइम ब्रांच और सीआईए की टीमें भी रोड पर चेकिंग करती दिखी। किसी भी तरह की हुड़दंग न हो इसके लिए महिला कमांडो भी मौजूद थी।
डीसीपी ने बताया कि नाइट क्लब में काफी युवक और युवतियां ट्राइसिटी से पार्टी करने के लिए आए थे। ऐसे में उन सभी को सुरक्षित घर में पहुंचाने के लिए टीमें भी बनाई गई थी। इन टीमों के द्वारा करीबन तीन युवतियों को सुरक्षित घर में पहुंचाया गया।
सभी क्लब वालों को मीटिंग करके पहले ही बोल दिया गया था कि सभी की चेकिंग करके ही उन्हें क्लब में भेजा जाए। यदि किसी पर कोई शक होता है तो पुलिस को सूचित करें। इसके अलावा सभी बॉर्डर पर भी पुलिस के नाके लगे थे।
बाहर का कोई व्यक्ति शहर में आकर हुड़दंग न करे इसके लिए पुलिस पूरी निगरानी रख रही थी। एसीपी सुरिंदर डोडी ने बताया कि सेक्टर-5 के अंतर्गत काफी नाइट क्लब आते हैं ऐसे में पूरी तरह से सेक्टर-5 में ड्रिंक एंड ड्राइव के भी नाके लगे थे।
युवतियां को किसी भी तरह की हुड़दंग से बचाने के लिए स्पेशल महिला कमांडो और महिला पुलिस भी मौजूद थी। पिंजौर और कालका में भी नाके बंद की गई थी। बरवाला के टोल प्लाजा के पास भी स्पेशल नाके लगाए थे। इन नाकों को लीड बरवाला के चौंकी इंचार्ज गुरपाल सिंह और रामगढ़ चौंकी इंचार्ज तेजिंदर पाल सिंह खुद कर रहे थे।
पूरे पंचकूला में 50 से ज्यादा नाके और 500 से ज्यादा पुलिसकर्मी मौजूद थे। इसके अलावा 29 राइडर, 12 पीसीआर और 19 आईआरबी राउंड पर थी। हाई कोर्ट के द्वारा आदेश का पालन करने के लिए पंचकूला पुलिस के द्वारा पहले ही मीटिंग करके क्लब वालों को चेतावनी दे दी गई थी।
पहले ही क्लब मालिकों को बोल दिया गया था कि 3 बजे के बाद कोई भी क्लब नहीं चलेगा। इसके बावजूद भी 3 बजे के बाद ज्यादातर क्लबों में पार्टी चल रही थी। ऐसे में करीबन 3:30 बजे सेक्टर-5 के एसएचओ रुपेश चौधरी और एएसआई पवन कुमार और सब इंस्पेक्टर बड़जिंदर कुमार ने खुद क्लब के अंदर जाकर डीजे बंद करवाकर पार्टी रुकवाई।
हालांकि युवती ने पुलिस वाले को पार्टी न रोकने के लिए भी कहा पर उन्होंने किसी की नहीं मानी। सभी क्लब की पार्टी बंद करवाकर उन्हें क्लब बंद करवाए। कुछ क्लब वालों ने पुलिस पर पॉलिटिकिल प्रेशर डालने की कोशिश भी की परंतु पुलिस नहीं मानी।
पुलिस ने हाई कोर्ट के ऑर्डर की पालना की बात कहकर क्लब बंद करवा दिए। ऐसे में अब देखना होगा कि जो क्लब हाईकोर्ट के आदेश भी नहीं मानते हैं और अपनी मर्जी के साथ सुबह तक पार्टी करते हैं उन पर कैसे कार्रवाई की जाएगी।
