अमृतसरः शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की आज चल रही आंतरिक कमेटी की बैठक के दौरान अहम फैसला लिया गया। बैठक में श्री हरिमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी रघबीर सिंह को पद से हटाने का फैसला लिया गया है। इस बात का प्रकाशन बैठक के बाहर विरोधी दल से संबंधित आंतरिक कमेटी सदस्य मास्टर मिट्ठू सिंह काहनेके द्वारा किया गया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर अपना डिसेंडिंग नोट दिया है और मांग की है कि शिरोमणि गुरुद्वारा कमेटी को हुए घोटालों और लगाए जा रहे आरोपों के संबंध में पहले निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष पर लगे आरोपों के बाद अपना इस्तीफा देना चाहिए। ज्ञानी रघबीर सिंह को पद से हटाने का आधिकारिक ऐलान थोड़ी देर बाद अध्यक्ष एडवोकेट धामी द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्य ग्रंथी ज्ञानी रघबीर सिंह को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया।
जिसमें कहा कि वह लगाए गए आरोपों को साबित करें। धामी ने कहा कि मुख्य ग्रंथी ज्ञानी रघबीर सिंह ने पहले से तैयार स्क्रीप्ट को पढ़ा है। अगर उनके पास घोटाले को लेकर कोई सबूत है तो वह उन्हें पेश करें। एसजीपीसी प्रधान धामी ने कहा कि 72 घंटे में सबूत पेश ना करने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
इसी के साथ गुरुद्वारा अंब साहिब और गुरुद्वारा भट्ठा साहिब रोपड़ की जमीनों संबंधी गलत बयानबाजी करने के मामले में पूर्व जत्थेदार हरप्रीत सिंह को कहा कि वह माफी मांगे नहीं तो गुरुद्वारा भट्ठा साहिब के मैनेजर को उनके खिलाफ मानहानि का केस दायर करने की हिदायत दी गई है। उन्होंने कहा कि जमीनों के मामले में जो कार्रवाई की गई है, वह कमेटी के नियमों और कानून अनुसार की गई है।