विरोधियों ने दिया था ‘जलनवीर’ का टैग, अपनी ही दोस्त से मिला कई बार धोखा
मुंबईः वैसे तो Bigg Boss को अपना Winner मिल गया है, लेकिन करणवीर का घर में सफर कैसा रहा। आज हम आपकों इसके बारे में बताएंगे। पूरे 105 दिन से भी ज्यादा वक्त तक अपने घर-परिवार, दोस्तों, फोन, सोशल मीडिया से दूर कुछ जाने-अनजाने चेहरों के बीच एक बंद घर में रहना काफी मुश्किल होता है, लेकिन तमाम चुनौतियों के बाद भी करणवीर विजेता बनकर बाहर निकले। जिसकी चमक करणवीर के चेहरे पर साफ देखी जा सकती है। करण ने शो में कड़े प्रतिद्वंदी रहे बिग बॉस के लाडले एक्टर विवियन डीसेना को मात देते Bigg Boss-18 की ट्राफी अपने नाम की है।

बिग बॉस में करणवीर का सफर 6 अक्टूबर को शुरू हुआ था। ये तीन महीने करणवीर मेहरा के लिए काफी उतार-चढ़ाव वाले रहे। करणवीर के निजी जीवन से लेकर घर में उनके खाने तक पर लड़ाइयां और बातें होती देखी गईं। बिग बॉस के घर में उन्हें उनकी ही दोस्त शिल्पा शिरोडकर से कई बार धोखा मिला। करणवीर को कई बार उनके गेम और सुस्त व्यवहार के लिए टोका भी गया। खेल में अपनी कमियों को पीछे छोड़कर करणवीर ने अपना खेल सुधारा और बिग बॉस के विनर बनकर जनता के सामने आए।

करणवीर फिनाले से पहले ही अपने टॉप फाइव में होने को लेकर काफी कॉन्फिडेंट थे। उन्होंने यह बात डंके की चोट पर शो के होस्ट सलमान खास तक से कह दी थी। इस आत्मविश्वास का राज पूछने पर करण ने कहा, ‘मुझे अंदर से ऐसा महसूस हो रहा था। यह कोई हवा में उड़ने वाली बात नहीं थी। वो होता है ना कि स्कूल में जो बच्चे पूरे साल पढ़ाई करते हैं, उन्हें एग्जाम से डर नहीं लगता। मुझे भी वैसा वाला ही अहसास था।
शो में उनके विरोधी रहे अविनाश मिश्रा, ईशा सिंह, विवियन डीसेना आदि ने करण को ‘जलनवीर’ का टैग दिया। जिस पर उन्होंने कहा कि जलन-वलन कुछ नहीं था। मैं तो मजे कर रहा था। मैं जिंदगी जी रहा था। एक बार इस शो का सार समझ जाओ, फिर ट्रॉफी जीतना कुछ नहीं है। मुझे वापस 105 दिन के लिए शो में भेज दो, मैं एक और ट्रॉफी ले आऊंगा।