नई दिल्ली : यमन के हूती विद्रोहियों ने रविवार को इजरायल को निशाना बनाते हुए सैन्य अभियान की घोषणा की जो पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष में वृद्धि को दर्शाता है। इस अभियान के तहत दक्षिणी कब्जे वाले फिलिस्तीन में महत्वपूर्ण सैन्य स्थलों पर क्रूज मिसाइलों और ड्रोन हमला किया गया।
टेलीग्राम पर जारी एक बयान में हूतियों के सैन्य प्रवाह प्रवक्ता याह्रा सरी ने कहा कि यह अभियान पवित्र जिहाद युद्ध के अंतर्गत जिहाद युद्ध के अंतर्गत शुरु किया गया। यह ईरान और लेबनान में हिज्बुल्लाह सहित सहयोगी समूहों की सैन्य कार्रवाईयों के साथ मेल खाता है। उन्होंने आगे कहा है कि अभियान ने अपने सभी मकसद के सफलता पूर्वक हासिल किया। टेलीग्राम पर जारी एक बयान में हूतियों के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि यह अभियान पवित्र जिहाद युद्ध के अंतर्गत शुरु किया गया है।
ईरान और लेबनान में हिज्बुल्लाह सहित साथी समूहों की सैन्य कार्रवाईयों के साथ मेल खाता है। उन्होंने आगे कहा कि अभियान ने अपने सभी मकसूद को सफलतापूर्वक हासिल किया है। बयान में कहा गया है कि हमारी सेनाओं पवित्र ने जिहाद युद्ध में दूसरा सैन्य अभियान चलाया है। इसमें क्रूज ठिकानों को निशाना बनाया गया है।
यह अभियान ईरान में हमारे मुजाहिदीन भाईयों और लेबनान में हिज्बुल्लाह द्वारा ईरान में हमारे मुजाहिदीन भाईयों और लेबनान में हिज्बुल्लाह द्वारा चलाए जा रहे सैन्य अभियानों के साथ हुआ है। अल्लाह के ईरान में हमारे मुजाहिदीन भाईयों और लेबनान में हिज्बुल्लाह द्वारा चलाए जा रहे सैन्य अभियानों के साथ हुआ।
अल्लाह के रहम-ओ-करम से इसने अपने मकसद को सफलतापूर्वक हासिल किया। इजरायली ठिकानों पर बैल्सिटिक मिसाइलों की बौछार। एक बयान में हूती विद्रोहियों के हवाले से कहा गया कि उन्होंने इजरायली सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार करते हुए अपना सैन्य ठिकानों पर बैल्सिटिक मिसाइलों की हूती विद्रोहियों के हवाले से कहा गया है कि उन्होंने इजरायली सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार करते हुए अपना पहला सैन्य अभियान चलाया है।
अमेरिका ने इस ईरान और लेबनान में चल रहे प्रतिरोध प्रयासों के साथ समन्वित बताया है। उस बयान में हूतियों ने कसम खाई है कि उनके अभियान घोषित उद्देश्यों की प्राप्ति तक और प्रतिरोध के सभी मोर्चों और आक्रामकता खत्म होने तक जारी रहेंगे।
यह घटनाक्रम वॉशिंगटन और तेहरान के बीच राजनयिक बातचीत जारी रहने के बीच हुआ है। यह संघर्ष 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त सैन्य हमलों के बाद शुरु हुआ जिसमेें ईरान के 86 वर्षीय सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए। इसके बाद तेहरान ने जवाबी कार्रवाई में कई खाड़ी देशों में
इजरायल और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है।