चंडीगढ़: भारत सरकार द्वारा जीएसटी 2.0 दरों के तर्कसंगतकरण से उत्पन्न राजस्व चुनौतियों के बावजूद पंजाब ने जनवरी 2026 में जीएसटी संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। वित्त, आबकारी एवं कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि जनवरी 2026 के दौरान राज्य में कुल 2,452.66 करोड़ रुपये का जीएसटी संग्रह हुआ, जबकि शुद्ध जीएसटी वसूली में जनवरी 2025 की तुलना में 15.7 प्रतिशत की दर से 315 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि दरों में कटौती के कारण राज्य को प्रतिमाह करीब 250 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का सामना करना पड़ा, फिर भी पंजाब राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन करने में सफल रहा।
मंत्री ने बताया कि जनवरी 2026 तक वर्ष-दर-वर्ष आधार पर शुद्ध जीएसटी वसूली 13.4 प्रतिशत बढ़कर 19,415 करोड़ रुपये से 22,014 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जबकि कुल जीएसटी संग्रह में भी 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जनवरी महीने में एसजीएसटी नकद वसूली में 14.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो देश में सबसे अधिक है और राष्ट्रीय औसत करीब 6 प्रतिशत से कहीं ज्यादा है। साथ ही राज्य सरकार ने करदाताओं की सुविधा पर जोर देते हुए जनवरी में 129 करोड़ रुपये के एसजीएसटी रिफंड जारी किए, जबकि कुल जीएसटी रिफंड लगभग 300 करोड़ रुपये रहा।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि प्रवर्तन कार्रवाइयों से भी मजबूत नतीजे सामने आए हैं। जनवरी 2026 में स्टेट इंटेलिजेंस एंड प्रिवेंटिव यूनिट्स ने आईटीसी चोरी और जाली बिलिंग पर कार्रवाई कर 200 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की, जिससे मौजूदा वित्तीय वर्ष में कुल प्रवर्तन वसूली लगभग 1,000 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गई है। केंद्र द्वारा आईजीएसटी निपटान में कटौती के बावजूद पंजाब ने अपने राजस्व आधार को सुरक्षित रखा है। मंत्री ने दोहराया कि कर विभाग पारदर्शी, तकनीक-आधारित और करदाता-अनुकूल व्यवस्था के जरिए राज्य में राजस्व वृद्धि और व्यापार सुगमता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
