कुटलैहड़ में वर्षा शालिकाएं बनीं स्वयं सहायता समूहों के लिए स्वरोजगार का आधार

ऊना/सुशील पंडित: जिला ऊना के बंगाणा उपमंडल में वर्षा शालिकाएं स्वयं सहायता समूहों के लिए स्वरोजगार का आधार बन रही हैं। एक नई पहल करते हुए बंगाणा में ऊना-हमीरपुर नेशनल हाईवे के लिए मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन व राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के फंड को मिलाकर परिसंपत्तियों का निर्माण किया गया है, जिसमें वर्षा शालिकाओं के साथ शौचालय व हिमईरा शॉप शामिल है। हिमईरा शॉप में स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बिक्री के लिए रखा गया है, ताकि उनकी आय में बढ़ौतरी हो सके। 

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री बताते हैं “ऊना-हमीरपुर एनएच पर पर्यटक काफी संख्या में आते-जाते हैं। यहां से हजारों श्रद्धालु बाबा बालकनाथ तथा अन्य पर्यटन स्थलों पर जाते हैं। ऐसे में बंगाणा विकास खंड के तहत कई स्थानों पर कन्वर्जेंस कर हिमईरा की दुकानें खोली गई हैं। मनरेगा के तहत रेन शैल्टर, राष्ट्रीय आजीविका मिशन के माध्यम से हिमईरा शॉप तथा स्वच्छ भारत मिशन के तहत सुलभ शौचालयों को जोड़ा गया है। जिससे जहां लोगों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं, तो वहीं यात्रियों को बैठने के लिए रेन-शैल्टर की सुविधाएं भी मिल रही हैं। साथ ही यह वर्षाशालिकाएं स्वच्छता का संदेश भी दे रही हैं।”

बंगाणा उपमंडल के तहत तीन स्थानों धुंदला, ककराणा व ननावीं में वर्षा शालिकाओं के साथ-साथ शौचालय व दुकान बनाई गई हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रति शौचालय निर्माण के लिए 2.10 लाख रुपए, वर्षा शालिका निर्माण के लिए 3 लाख तथा हिमईरा की दुकान के लिए 60 हज़ार रूपये की राशि व्यय की गई है।

धुंधला पंचायत से स्वयं सहायता समूह के लिए काम करने वाली विमला देवी का कहना है कि राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत हिमईरा दुकान उपलब्ध करवाई गई है, जिसमें स्वयं सहायता समूह द्वारा तैयार उत्पाद को सेल के लिए रखा गया है। विमला देवी ने कहा कि समूह द्वारा तैयार उत्पाद को स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाबा बालक नाथ के दर्शनार्थ हेतू जाने वाले श्रद्धालुओं द्वारा खरीदा जाता है। उन्होंने कहा कि हिमईरा दुकान मिलने से उत्पाद बेचने के लिए एक अच्छा स्थान मिला है और इससे समूह की आजीविका में भी बढ़ोत्तरी हुई है। इसके अलावा यात्रियों की सुविधा के सड़क के किनारे रेन-शैल्टर की सुविधा भी प्रदान की गई है। इसके लिए उन्होंने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर का आभार व्यक्त किया।
वहीं ग्राम पंचायत धुंधला की प्रधान सुषमा बताती हैं कि हिमईरा शॉप, रेन शैल्टर व शौचालय का निर्माण किया गया है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रदेश सरकार अनेकों प्रयास कर रही है। इसी के अंतर्गत ननावीं गांव की महिलाओं को एक हिमईरा की दुकान मुहैया करवाई गई है, जिससे वह ग्रुप द्वारा तैयार उत्पाद को सेल करती है। यह हिमईरा शॉप सड़क के किनारे बनाई गई ताकि महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की बिक्री ज्यादा से ज्यादा हो सके। उन्होंने बताया कि इस शॉप मिलने के बाद महिलाओं की आजीविका में इजाफा हुआ है और वह अपने घर के खर्च को चलाने में सक्षम बन रही हैं।

धुंधला के उपप्रधान रमन शर्मा का कहना है कि ननावीं में स्वयं सहायता समूह के लिए हिमईरा शॉप के साथ-साथ रेन शैल्टर और शौचालय का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मिलकर काफी अच्छी कार्य कर रही हैं और समूह द्वारा तैयार उत्पाद को हिमईरा शॉप के माध्यम से विक्रय कर रही हैं। जिससे वह अपनी आजीविका अर्जित करने में आत्मनिर्भर भी बन रही हैं। इसके अलावा यात्रियों की सुविधा के लिए रेन शैल्टर तथा शौचालय निर्मित किया गया है ताकि वर्षा या धूप के मौसम में यात्रियों को दिक्कतों का सामना न करना पडे़। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर की दूरदर्शी सोच के चलते वर्षा शालिकाओं से स्वरोजगार का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

Add a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Keep Up to Date with the Most Important News

By pressing the Subscribe button, you confirm that you have read and are agreeing to our Privacy Policy and Terms of Use