फार्मेसी कैडर से जुड़ी लंबित एवं महत्वपूर्ण मांगों पर सकारात्मक चर्चा की
ऊना/ सुशील पंडित: हिमाचल प्रदेश अस्पताल फार्मेसी अधिकारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेशाध्यक्ष राजेश कुमार के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से भेंट की, और फार्मेसी कैडर से जुड़ी लंबित एवं महत्वपूर्ण मांगों पर सकारात्मक चर्चा की
प्रदेशाध्यक्ष ने अवगत कराया कि सीमित संसाधनों एवं मानवबल के बावजूद हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में फार्मेसी अधिकारी दवाओं, चिकित्सा उपकरणों, आपातकालीन सेवाओं, टीकों एवं अन्य मेडिकल आपूर्ति की मजबूत रीढ़ हैं।
मेडिकल कॉलेजों व जिला अस्पतालों से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य संस्थानों तक, प्रत्येक चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी एवं रोगी तक सुरक्षित एवं समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने की मुख्य जिम्मेदारी फार्मेसी अधिकारियों पर ही निर्भर है।
उन्होंने बताया कि फार्मेसी कैडर ने सदैव व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर रोगी सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता को प्राथमिकता दी है, किंतु व्यवस्था सुधार के इस दौर में भी यह कैडर निरंतर उपेक्षा का शिकार रहा है। पर्याप्त स्टाफिंग नॉर्म्स, स्पष्ट प्रमोशन चैनल एवं युक्तिसंगत जॉब प्रोफाइल आज की प्रमुख आवश्यकता हैं।
प्रदेश में पुरानी स्टाफिंग नॉर्म्स तथा ब्लॉक, जिला एवं राज्य स्तर पर समर्पित फार्मेसी ढांचे के अभाव में सरकारी निःशुल्क दवा वितरण एवं आपूर्ति व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। वर्तमान में फार्मेसी अधिकारियों के 255 पद रिक्त हैं, जबकि लगभग 90% स्वास्थ्य संस्थानों में पर्ची, शुल्क संग्रह, लिपिकीय व अन्य तकनीकी स्टाफ की कमी के कारण पहले से अतिभारित फार्मासिस्टों पर अतिरिक्त कार्यभार है।
स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण एवं फार्मेसी ढांचे के आधुनिकीकरण हेतु निम्नलिखित मांगें प्रमुख रूप से रखी गईं—
1. फार्मेसी अधिकारियों की स्टाफिंग नॉर्म्स, पदोन्नति पदानुक्रम एवं कार्य दायित्वों को वर्तमान कार्यभार एवं OPD लोड के अनुरूप अद्यतन किया जाए।
2. आपातकालीन/रात्रि फार्मेसी ड्यूटी लागू करने तथा स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन से पूर्व आवश्यक फार्मेसी पदों का सृजन व लागू होने वाले लाभ सुनिश्चित किया जाए।
3. फार्मेसी अधिकारियों के 255 रिक्त पदों को तत्काल भरा जाए।
संघ ने स्पष्ट किया कि इन कदमों के बिना स्वास्थ्य सुधारों की दिशा में किए जा रहे प्रयास अपूर्ण एवं अप्रभावी रहेंगे। माननीय मुख्यमंत्री जी ने मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
