शिमला: उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने राज्य परिवहन विकास एवं सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि हिमाचल सरकार परिवहन क्षेत्र में पारदर्शिता, डिजिटल सुधार, सड़क सुरक्षा, रोजगार सृजन और हरित मोबिलिटी को प्राथमिकता देकर निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि जनवरी 2023 से दिसंबर 2025 के बीच परिवहन विभाग ने 2,597.59 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है, जो पिछली सरकार की समान अवधि की तुलना में लगभग 73 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि मजबूत प्रवर्तन व्यवस्था और डिजिटल पहलों का परिणाम है।

उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग के इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स में हिमाचल प्रदेश का अग्रणी राज्यों में शामिल होना राज्य सरकार की हरित परिवहन नीति और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि वाहन फिटनेस को वैज्ञानिक और पारदर्शी बनाने के लिए स्वचालित वाहन परीक्षण केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, वहीं ई-चालान, ई-डिटेक्शन सिस्टम और इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए प्रवर्तन को डिजिटल किया गया है।
बैठक के दौरान उन्होंने बताया कि ई-टैक्सी योजना, बसों पर सब्सिडी और वाहन स्क्रैपिंग केंद्रों के माध्यम से रोजगार और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस अवसर पर परिवहन विभाग की एम-फिटनेस ऐप का भी शुभारंभ किया गया, जिससे वाहन फिटनेस प्रक्रिया को डिजिटल, पेपरलेस और पारदर्शी बनाया जाएगा।

इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव आर.डी. नज़ीम, हिमाचल पथ परिवहन निगम के प्रबन्ध निदेशक निपुण जिन्दल, परिवहन आयुक्त नीरज कुमार, आईजी ट्रैफिक गौरव सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।