अमृतसर: अटारी रोड़ पर स्थित घरिंडा में एक जमीन विवाद ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले को लेकर पीड़ित परिवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने मीडिया के सामने अपनी बात रखी और गंभीर आरोप लगाए। परिवार के सदस्य सुखदेव राज ने बताया कि उनका परिवार 1947 के विभाजन के समय से लेकर अब तक करीबन 75 सालों से इस जमीन पर काबिज हैं।
उन्होंने कहा कि साल 2005 में उन्होंने इस जमीन की कानूनी रजिस्ट्री भी करवाई थी। इसके बावजूद 2012 में एक महिला ने इस जमीन पर दावा करते हुए केस दर्ज करवा दिया है जो फिलहाल अदालत में विचाराधीन है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि हाल में कुछ लोगों ने पुलिस की मौजूदगी में जबरदस्ती जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष द्वारा फर्जी रजिस्ट्री करवाई गई है।
अब उनसे समझौते के नाम पर 15 करोड़ रुपये की मांग की जा रही है। परिवार ने दावा किया है कि उनके पास 1947 से लेकर अब तक की जमाबंदी, गिरदावरी और अन्य सभी जरुरी दस्तावेज मौजूद हैं। उनके हक में सबूत हैं। उन्होंने पंजाब के डीजीपी और प्रशासन से अपनी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग है।
इस दौरान अकाली दल वारिस पंजाब दे के जिला प्रधान जसकरण सिंह रियाड़ ने परिवार का समर्थन करते हुए कहा कि वो उनके साथ खड़े हैं। किसी भी तरह की धक्केशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जब तक अदालत का फैसला नहीं आता। तब तक किसी को भी जमीन पर कब्जा करने की इजाजत नहीं होनी चाहिए।
किसान नेता काबल सिंह माहवा ने भी परिवार का समर्थन करते हुए चेतावनी दी कि यदि जबरदस्ती कब्जे की कोशिश चल रही है ऐसे में किसान संगठन बड़ा संघर्ष करेंगे फिलहाल यह मामला अदालत में लंबित है। अगली सुनवाई का इंतजार किया जा रहा है।