हिसार: पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार हुई यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की चार्जशीट के लिए वकील की ओर से डिफॉल्ट बेल डाली गई थी। इस मामले में आज पुलिस ने सोमवार को सिविल जज सुनील कुमार की अदालत में अपना जवाब दिया है। इस पर ज्योति मल्होत्रा के वकील ने बहस की है। कुमार मुकेश ने कहा कि पुलिस ने जिन मामलों का हवाला दिया है वो मामले ज्योति के केस से ही जुड़े नहीं हैं। अदालत ने अब दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया और मंगलवार को 2 सितंबर को अपना फैसला सुनाएगी।
सिविल जज सुनील कुमार की अदालत में दी गई एप्लीकेशन में पुलिस ने इस मामले की मीडिया ब्रीफिंग पर रोक, पंचकूला लैब से मिले डेटा का हिस्सा, ज्योति की चार्जशीट में सील चैट का हिस्सा आरोपी को न देने की मांग की थी। इस पर बहस के दौरान वकील ने कहा कि अभी हमारी जांच पूरी नहीं हुई है। ऐसे में कोई भी जानकारी देने से जांच भी प्रभावित हो सकती है इसलिए आरोपी पक्ष की खुफिया जानकारी न दी जाए। कुमार मुकेश ने सरकारी वकील के इसी बिंदु को आधार बनाया है और ज्योति मल्होत्रा के लिए डिफॉल्ट बेल की याचिका दायर की है। इस पर अदालत ने पुलिस से शनिवार को जवाब मांगा था। शनिवार को पुलिस ने अदालत से सोमवार तक का समय मांगा था।
वकील ने मांगी पुलिस से कॉपी
ज्योति के वकील ने 193 की धारा 7 का हवाला दिया है। उन्होंने कहा कि यहां हम अपनी चार्जशीट का पूरा हिस्सा नहीं दे सकते हैं। पुलिस ने 14 अगस्त को चालान भी पेश किया है इसके 11 दिन बाद 25 अगस्त को एप्लीकेशन दी थी कि हम पूरी चार्जशीट नहीं दे सकते। इसके 11 दिन बाद इस एप्लीकेशन का क्या अर्थ है और पुलिस को क्या एप्लीकेशन देनी चाहिए थी। ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट का उन्होंने हवाला दिया और कहा कि पुलिस अब दस्तावेज देने से मना नहीं कर सकती। पुलिस दोनों चालान की कॉपी हमे दें ताकि हम अपना जबाव तैयार कर पाएं।