हरियाणा : भीषण गर्मी से जहां आम जनजीव अस्त व्यस्त हो गया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग भी इसे लेकर अलर्ट हो चुका है। विभाग की ओर से आम जनता के अलावा हरियाणा के सभी सीएमओ को निर्देश जारी किए गए है। इतना ही नहीं हीटवेव के मरीज के लिए सभी सिविल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में हाइपोथर्मिया रूम बनाने के भी निर्देश दिए गए है। हीटवेव को लेकर हमने हरियाणा के स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. रणदीप सिंह पुनिया से खास बातचीत की।
स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ. पुनिया ने बताया कि हीटवेव को लेकर विभाग की ओर से मार्च के अंतिम और अप्रैल के पहले सप्ताह में ही जनता के लिए एडवाइजरी कर दी गई थी। इसके साथ ही हरियाणा के सभी सीएमओ को भी खास निर्देश दिए गए है। हीटवेव के मरीजों के लिए हरियाणा के सभी नागरिक अस्पतालों के इमरजेंसी वार्ड में हाइपोथर्मिया रूम बनाने के निर्देश दिए गए है। इस रूम को एसी लगाकर ठंडा किया जाता है और हीटवेव के मरीज को इसी रूम में रखा जाता है। इसके अलावा डी हाइड्रेशन होने पर सभी सीएमओ को आईवी फ्लूड और ओआरएस की कमी नहीं होने के भी निर्देश दिए गए है। इन सबके लिए विभाग की ओर से बजट भी जारी कर दिया गया है।
हरियाणा के स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. ने बताया कि आमतौर पर हीटवेव का असर सुबह 10 से 4 बजे या फिर 11 से 3 बजे तक होता है। इसलिए जनता को इस दौरान घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। यदि किसी जरूरी काम से कारण घर से बाहर जाना पड़ता है तो सिर ढककर और पूरी बाजू के कपड़े पहनकर ही बाहर निकलना चाहिए, क्यूंकि शरीर पूरी तरह से ढका होने पर ही हीटवेव से बचाव हो सकता है।