जिला ऊना पुलिस अधीक्षक सचिन हीरामेठ के दिशा निर्देशों और उप पुलिस अधीक्षक मोहन रावत की अगुवाई में हरोली पुलिस टीम की एक और सफलता
ऊना/सुशील पंडित: बीती 15 फरवरी को पुलिस थाना हरोली के अंतर्गत साहुबाल नामक स्थान पर बस का इंतजार कर रही दो महिलाओं के साथ हुई स्नेचिंग की वारदात को हरौली पुलिस ने अब पूरी तरह सुलझा लिया है । 15 फरवरी 2026 को शिकायत करता सोनिया निवासी बीटन अपनी जेठानी के साथ लगभग 11:00 दिन ,साहूबाल में बस लेने के लिए खड़ी थी इसी दौरान दो अज्ञात बाइक सवारों ने महिला कानों में पहनी बालियों को स्नैच करने के लिए प्रयास किया। लेकिन पहले प्रयास विफल रहने के उपरांत उन्होंने दोबारा प्रयास करके शिकायतकर्ता के हाथ में पकड़े हुए पर्स को ही छीन लिया और मौका से पंजाब की ओर भाग गए।
महिलाओं ने आरोपियों को पहचान करने तथा पकड़ने के लिए एक राहगीर की सहायता भी ली। परंतु आरोपियों के बारे में कोई भी जानकारी ना मिल पाई । जिस पर शिकायतकर्ता ने पुलिस थाना हरोली में लिखित में शिकायत दर्ज करवाई। जिस पर पुलिस थाना हरोली में मामला दर्ज हुआ। मामले की जांच उप निरीक्षक दीपक कुमार को सौंपी गई। दीपक कुमार ने पुलिस टीम के साथ मौका का निरीक्षण करने के बाद इलाका के सीसीटीवी फुटेज तीन दिन तक लगातार छाने । फुटेज के आधार पर तथा इलाका में तैनात किए गए मुखबिरों और फील्ड पर काम करने के बाद पुलिस ने दो आरोपियों की पहचान की। जिसके बाद पुलिस थाना हरोली के प्रभारी सुनील कुमार संख्यान के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने गढ़शंकर के टूटू माजरा गांव में पहले आरोपी की पहचान करके आरोपी को गिरफ्तार किया ।
आरोपी से चुराया हुआ एक मोबाइल बरामद हो गया तथा बाइक की भी रिकवरी हुई। आरोपी को कल पेश अदालत करके न्यायिक हिरास्त रिमांड में भेजा गया है। आरोपी की पहचान वरिंदर सिंह पुत्र स्वर्गीय कुलतार सिंह गांव टूटू मजारा तहसील गढ़शंकर जिला होशियारपुर उम्र 26 वर्ष के रूप में हुई है । जो अभी तक जेल में बंद है। हरोली पुलिस लगातार दूसरे आरोपी को ट्रैक कर रही थी जो आज सर्विलांस ओर ह्यूमन इंटेलिजेंस के माध्यम से हरौली पुलिस की टीम ने सहायक उपनिरीक्षक दीपक के नेतृत्व में पंजाब के टूटू मजारा में आरोपी के घर सुबह सवेरे दबिश देकर दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है जिसकी पहचान हरजीत सिंह उर्फ बिल्ला पुत्र अमरजीत सिंह निवासी जैजो दोआबा तह गढ़शंकर जिला होशियारपुर पंजाब के रूप में हुई है जिससे दूसरे मोबाइल की रिकवरी हो गई है।
