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GST डिप्टी कमिश्नर ने दिया इस्तीफा, शंकराचार्य विवाद में CM का किया सपोर्ट

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लखनऊः शंकराचार्य द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर की गई टिप्पणी के विरोध में अयोध्या से एक बड़ा प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया है। दरअसल, शंकराचार्य विवाद में अयोध्या के डिप्टी कमिश्नर जीएसटी प्रशान्त कुमार सिंह ने यूपी सरकार के समर्थन में इस्तीफ़ा दे दिया है। उन्होंने दो पन्नों का इस्तीफा राज्यपाल को भेजा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में यह निर्णय लेने की बात कही है। उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के बयान के विरोध में नौकरी छोड़ी है।

प्रशान्त कुमार सिंह ने कहा कि हम रोबोट नहीं हैं। हम जिस सरकार से वेतन लेते हैं, उसके ख़िलाफ़ नही सुनेगें। अविमुक्तेश्वरानंद हमारे सीएम पर अनर्गल आरोप लगता रहे हैं और हम खामोश रहें, ऐसा नहीं होगा। जीएसटी विभाग के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने राज्यपाल को संबोधित करते हुए इस्तीफा भेजा है। अपने इस्तीफे में प्रशांत कुमार सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में यह कदम उठा रहे हैं।

इस्तीफे में डिप्टी कमिश्नर ने यह भी उल्लेख किया है कि शंकराचार्य की टिप्पणी से वह पिछले 3 दिनों से मानसिक रूप से आहत थे। इसी मानसिक पीड़ा के कारण उन्होंने यह कठोर फैसला लिया. उनका कहना है कि यह निर्णय किसी दबाव में नहीं लिया गया है, बल्कि आत्मसम्मान और अपने विचारों के आधार पर लिया गया है। प्रशांत कुमार सिंह की अयोध्या में पोस्टिंग साल 2023 में हुई थी। वह राज्यकर विभाग में संभागीय उप आयुक्त, यानी जीएसटी डिप्टी कमिश्नर के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने यह भी कहा है कि इस्तीफा स्वीकार होने के बाद वह सामाजिक कार्यों में अपने निजी संसाधनों से योगदान देंगे। इस घटनाक्रम के बाद अयोध्या सहित पूरे प्रदेश के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

मीडिया से बातचीत के दौरान प्रशांत कुमार सिंह ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर अनर्गल प्रलाप किया जा रहा है। इससे वह व्यक्तिगत रूप से आहत थे। उन्होंने कहा कि यह सही है कि हम राज्य कर्मचारी नियमावली में बंधे हुए हैं, लेकिन हम राज्य से वेतन लेते हैं। उसी वेतन से हमारा परिवार चलता है और हमारी नमक रोटी चलती है। मेरा यह कर्तव्य नहीं है कि मैं सिर्फ वेतन लेकर रोबोट या यांत्रिक व्यक्ति की तरह चुपचाप सरकार और माननीय मुख्यमंत्री के खिलाफ की जा रही बातें सुनता रहूं।

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