ऊना/ सुशील पंडित: क्षेत्र के चुरुरु गांव में आज “आम आयुष ग्राम मेला” का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों, महिलाओं, बच्चों एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मेले का मुख्य उद्देश्य आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक सुदर्शन सिंह बबलू द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके उपरांत उन्होंने बच्चों को स्वर्ण प्राशन करवाकर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आयुष पद्धतियां न केवल रोगों के उपचार में सहायक हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के स्वास्थ्य को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
स्वर्ण प्राशन रहा मुख्य आकर्षण
मेले में स्वर्ण प्राशन विशेष* आकर्षण का केंद्र रहा, जिसमें बड़ी संख्या में बच्चों को स्वर्ण प्राशन कराया गया। विशेषज्ञों के अनुसार यह आयुर्वेदिक प्रक्रिया बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, स्मरण शक्ति सुधारने तथा समग्र शारीरिक एवं मानसिक विकास में अत्यंत लाभकारी है।
निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर
मेले के दौरान निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। कुल 362 मरीजों (OPD) की जांच कर उन्हें उचित परामर्श एवं उपचार प्रदान किया गया। साथ ही संदिग्ध रोगियों के टीबी जांच हेतु एक्स-रे भी किए गए, जिससे ग्रामीणों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी।
योग सत्र बने आकर्षण का केंद्र
योग एवं प्राणायाम सत्रों में प्रशिक्षकों द्वारा विभिन्न योगासन एवं ध्यान की विधियों का अभ्यास करवाया गया, जिसमें लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
हर्बल प्रदर्शनी और आयुर्वेदिक उत्पाद
मेले में आयुर्वेदिक औषधियों, हर्बल उत्पादों एवं औषधीय पौधों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिससे लोगों को इनके उपयोग एवं लाभों की विस्तृत जानकारी मिली।
पारंपरिक पेय रहे विशेष आकर्षण
इस अवसर पर चिंचापानक (Chinchapanak), इम्युनिटी ड्रिंक एवं सत्तू जैसे पारंपरिक एवं स्वास्थ्यवर्धक पेय विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। विशेषज्ञों ने बताया कि ये पेय रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, पाचन सुधारने तथा गर्मी से राहत देने में सहायक हैं।मेले में स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups) द्वारा पोषण आहार की विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें स्थानीय स्तर पर तैयार पौष्टिक खाद्य पदार्थों को प्रदर्शित किया गया।
बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ से लेकर पोषण तक सफल आयोजन
आयोजकों द्वारा “बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ” से लेकर पोषण आहार तक विभिन्न जनहितकारी विषयों को शामिल करते हुए इस मेले का सफल संचालन किया गया, जिससे समाज के हर वर्ग को लाभ मिला। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से उन्हें प्राकृतिक एवं सुरक्षित उपचार पद्धतियों के बारे में सीखने का अवसर मिलता है। बच्चों एवं युवाओं ने भी मेले में बढ़-चढ़कर भाग लिया। आयोजकों के अनुसार, भविष्य में भी इस प्रकार के आयुष मेले आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज को स्वस्थ, जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाया जा सके।