नई दिल्ली: किसानों को लेकर सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। दरअसल कृषि क्षेत्र को डिजिटल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सरकार किसानों का पंजीकरण शुरू करेगी ताकि उन्हें आधार के समान एक विशिष्ट पहचान पत्र दिया जा सके जा सके। ऑउटलुक एग्री-टेक समिट और स्वराज अवार्ड्स के मौके पर बात करते हुए चतुर्वेदी ने कहा कि पंजीकरण प्रक्रिया के लिए दिशानिर्देश जल्द ही जारी किए जाएंगे, जिसका कार्यान्वयन अक्टूबर के पहले सप्ताह में शुरू होगा।
कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी ने आउटलुक-एग्रीटेक समिट में जानकारी देते हुए कहा कि, ‘‘हमारा लक्ष्य अगले साल मार्च तक पांच करोड़ किसानों को पंजीकृत करना है।’’ उन्होंने कहा कि यह पहल सरकार के 2,817 करोड़ रुपये के डिजिटल कृषि मिशन का हिस्सा है जिसे हाल ही में मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि किसानो को एक विशेष पहचान पत्र दिया जाएगा जिसके माध्यम से न्यूनतम समर्थन मूल्य और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं के लिए आवेदन करते समय सत्यापन की जटिलता को कम करने में भी मदद मिलेगी।
