चुनाव के नतीजों पर भाजपा का ऊना में चिंतन
ऊना/सुशील पंडित : हिमाचल प्रदेश में 9 विधानसभा चुनाव में छह सीटें हारने के बाद भारतीय जनता पार्टी ऊना में चिंतन मंथन करने जा रही है। पार्टी ने इस कार्यक्रम के लिए पुराने होशियारपुर रोड़ लालसिंगी में एक पैलेस भी बुक करवा लिया है। इस कार्यक्रम की जानकारी देते हुए भाजपा के हिमाचल प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल ने एक प्रेस वार्ता की। बिंदल ने बताया कि सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस ने पिछला चुनाव पूरी शिद्दत के साथ लड़ा और चार लोकसभा सीटें बुरी तरह हार गई। मुख्यमंत्री अपने जिला क्षेत्र में हारे। उनके 12 में से 10 मंत्री अपने अपने विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव हारे। सुक्खू सरकार चीफ पार्लियामेंटरी सेक्रेटरी पर प्रति वर्ष करोड़ों रूपए फूंक रही है।
उनमें से भी ज्यादातर अपने अपने विधानसभा क्षेत्रों में लोकसभा चुनाव हारे। बिंदल ने कहा कि इस बात का बहुत शोर मचाया गया था कि मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री व मंत्री हरीरपुर लोकसभा सीट जीत जाएंगे। 17 में से 16 विधानसभा क्षेत्रों में अनुराग ठाकुर जीते। लोकनिर्माण मंत्री को भी मंडी से चुनाव में उतारा। पूरे भारत में कांग्रेस पार्टी ने ढिंढोरा पीटा और चिल्ला चिल्ला कर दावा किया कि मंडी और शिमला में कांग्रेस जीतने जा रही है। लेकिन कांग्रेस के प्रदेश में सबसे बड़े नेता और लोक निर्माण मंत्री भी चुनाव हार गए। कुल चार लोकसभा सीटें हारीं। एक राज्यसभा और तीन विधानसभा चुनाव हारे। इतनी बड़ी हार पर वे ऐसा ऐलान करते हुए दिख रहे हैं कि वही चुनाव जीते हैं जबकि कांग्रेस पार्टी तो पिछले तीन महीने में हुए तीन चुनावों में हारी है। बिंदल ने कहा कि पिछले 18 महीनों में प्रदेश 10 साल पीछे चला गया है।
एक भी विकास कार्य हिमाचल में शुरू नहीं हुआ है। अब तो सुक्खू सरकार में स्कूल बंद करना भी उपलब्धि बन गया है। अब 800 से अधिक स्कूल बंद किए जा रहे हैं। उसे भी बड़ा चढ़ा कर बताया जा रहा है। एक स्कूल से बच्चे दूसरे में, दूसरे से तीसरे में भेजे जा रहे हैं। उन स्कूलों में अध्यापक भेजे नहीं जा रहे और वि ज्ञापन जारी किए जा रहे हैं कि स्कूल बंद कर दिए। इस सरकार ने पहले बहुत शोर मचाया था कि वे 300 यूनिट बिजली के फ्री में देंगे। जबकि जो 125 यूनिट हम फ्री में दे रहे थे उसे भी बंद कर दिया। पैट्रोल डीजल के रेट बढ़ाकर पिछले डेढ़ साल में अढ़ाई हजार करोड़ रूपए का आर्थिक बोझ इन्होंने हिमाचल की जनता के ऊपर लाद दिया है। अर्थात सुक्खू सरकार में नया शिक्षण संस्थान नहीं बना। कोई नया अस्पताल नहीं बना। मंडी विश्वविद्यालय बंद होने की कगार पर है। सहारा योजना बंद कर दी गई है।
हिमकेयर योजना को भी फेल कर दिया। कांगड़ा के अस्पतालों ने तो ऐलान भी कर दिया है कि वे अब हिमकेयर योजना के तहत मरीजों का इलाज नहीं करेंगे। उनके 90 करोड़ रूपए के बिलों का भुगतान अभी तक सुक्खू सरकार नहीं कर पाई है। गरीब के लिए आयुष्मान और हिमकेयर योजनाओं को बनाया गया था जिसे सुक्खू सरकार बंद करके चुनिंद्दा लोगों को फायदा दिलवा रही है। इससे आम हिमाचली को सेहत सेवाओं के लिए अधिक धन खर्चना पड़ रहा है। एक पंक्ति में कहा जाए तो सुक्खू सरकार हर मोर्चे पर फेल हो चुकी है। बिंदल ने कहा कि ऊना में पार्टी पिछले चुनावों के नतीजों पर चिंतन करने जा रही है। इसके लिए लालसिंगी में चिंतन के लिए देश प्रदेश के भाजपा कार्यकर्ता और नेता उपस्थित रहेंगे। मौके पूर्व विधायक राजेश ठाकुर, बलबीर चौधरी, वीरेंद्र कंवर, वंदना योगी, प्रो सिकंदर और अन्य भाजपा नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।