कानपुरः उत्तर प्रदेश की कानपुर पुलिस ने फर्जी मार्कशीट और डिग्री बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस टीम ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिनकी पहचान में हीरामन का पुरवा निवासी जियाउल हसन उर्फ समीर उर्फ आतिफ, नूरुद्दीन, हसन आसिफ, आमिर अहमद के रूप में हुई है।
ये हुई बरामदगी
बेकनगंज थाना पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों से दो लैपटाप, कलर प्रिंटर, डेस्कटाप कंप्यूटर, तीन हार्डडिस्क, वाइफाइ राउटर, अन्य स्टेशनरी, विभिन्न विश्वविद्यालय के 141 मुहर, थ्री डी मोनोग्राफ समेत कई दस्तावेज बरामद किये हैं।
लंदन का मोबाइल फोन कर रहा था इस्तेमाल
पुलिस ने मामले बारे जानकारी देते हुए बताया कि इस गिरोह के कुछ सदस्य केवल 5वीं तक पढ़े हैं, लेकिन वे नकली डिग्रियां तैयार कर रहे थे। इस गिरोह का सरगना तो दो बार लंदन भी जा चुका है, जो लंदन में सेट के चक्कर में था। जियाउल बा ग्राफिक्स एक्सपर्ट भी है। सरगना लंदन से भी फर्जी मार्कशीट बनाने का नेटवर्क चलाता था। इसके लिए वह भारत आने के बाद भी लंदन का मोबाइल इस्तेमाल कर रहा था।
13 वर्षों से चल रहा था खेल
पुलिस ने गिरोह से पूछताछ के बाद बताया कि पिछले 13 वर्षों से देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों की फर्जी डिग्री और मार्कशीट तैयार कर लोगों से मोटी रकम वसूलता था। इनके नेटवर्क का विस्तार भारत के कई राज्यों के अलावा विदेशों तक फैला हुआ था। पुलिस के मुताबिक फर्जी दस्तावेज सऊदी अरब, कनाडा और ब्रिटेन तक बेचे जाने के साक्ष्य मिले हैं।
