मोहालीः साइबर क्राइम पुलिस मोहाली को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स के जरिए ठगी करने वाले गिरोह के 3 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा एक अन्य मामले में पुलिस ने 3 करोड़ रुपये की डिजिटल ठगी को होने से पहले ही रोकने में सफलता प्राप्त की है। यह कार्रवाई साइबर क्राइम पुलिस द्वारा की गई है, जिन्होंने इस गिरोह के नेटवर्क को ध्वस्त किया और ठगी के मामले में अहम सुराग हासिल किए हैं।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पुलिस ने कई महत्वपूर्ण उपकरण बरामद किए हैं। इन सामानों में 20 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप, 41 बैंक एटीएम कार्ड और नौ अलग-अलग खातों की चेक बुक शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने इन उपकरणों का इस्तेमाल ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स के माध्यम से लोगों को ठगने के लिए किया था। गिरोह के सदस्य डिजिटल उपकरणों की मदद से बैंक खातों से पैसे ट्रांसफर करते थे और इस तरह बड़ी मात्रा में धन हड़पते थे।
जानकारी देते एसएसपी हरमनदीप सिंह हंस ने बताया कि यह गिरोह ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स के माध्यम से लोगों को आकर्षित करता था और उनका डेटा चुराकर उनके बैंक खातों से पैसे निकाल लेता था। ठगी की इस तकनीक में गिरोह ने काफी चालाकी से डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल किया। गिरोह के सदस्य लोगों से विभिन्न प्रकार के फर्जी ऑफ़र, इनाम, और बोनस का लालच देकर उनकी जानकारी प्राप्त कर लेते थे। इसके बाद इस जानकारी का दुरुपयोग कर ठगी की जाती थी।
एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, पुलिस ने एक व्यक्ति को दो करोड़ रुपये की डिजिटल ठगी होने से पहले ही रोक लिया। साइबर क्राइम पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और ठगी के प्रयास को नाकाम कर दिया, जिससे एक बड़ी वित्तीय हानि से बचाव हुआ। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अक्षय कुमार, चेतन व सितेश के रूप में हुई है जिनमें एक हरियाणा और 2 गुजरात के निवासी हैं जो सन्नी एनक्लेव में कॉल सेंटर चलाते थे। पुलिस ने इनकी रिमांड हासिल की है जिनसे अन्य सबूत मिलने की उम्मीद है। एसएसपी हंस ने इस घटना के बाद आम लोगों से आग्रह किया है कि वे ऑनलाइन गेमिंग और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर व्यक्तिगत जानकारी साझा करते वक्त अत्यधिक सतर्क रहें।