नालागढ़ में आपदा का शिकार हुए हर परिवार तक पहुंचा रही राशन व जरुरत का सामान
जन सहयोग से राशि एकत्रित कर रही सहायता पहुंचाने का जज्बा
बददी/सचिन बैंसल: सोलन जिले के नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के तहत बरसात व बाढ़ आपदा का शिकार हुए लोगों के जख्मों पर मरहम लगाने में पूर्व प्रधानाचार्य व समाज सेविका पूनम ठाकुर अहम भूमिका निभा रही है। एक महिला ही जानती है कि एक घर के टूट जाने व तहस नहस हो जाने के बाद क्या हालात होते हैं। जिस घर से छत चली गई हो या घर आंशिक या पूर्ण रुप से क्षतिग्रस्त हो गया वहां क्या बीती हो।
समाज सेविका पूनम ठाकुर ने राजनीति से उपर अपने परिवार के साथ मिलकर तो आपदा से प्रभावित लोगों के घरों में राशन पहुंचाया लेकिन आमजन का भी इसमें सहयोग लिया। उन्होने सोशल मीडिया के माध्यम से एक ग्रुप बनाकर लोगों से ज्यादा से ज्यादा दान व सहयोग करने का आहवान किया ताकि नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र में आपदा में कोई भी भूखा न सोए।
उनके एक आहवान पर लोगों ने उनके पास राशन पहुंचाया व जो सहयोग राशि सभी स्रोतों से प्राप्त हुई उसको एक टीम के माध्यम से घर घर तक पहुंचाने की विधा रची गई। पूनम ठाकुर पूर्व विधायक नालागढ़ के. एल ठाकुर की धर्मपत्नी है और लंबे समय के बाद शिक्षा विभाग में टीचर का काम करने के बाद प्रधानाचार्य के पद से सेवानिवृत हुई हैं जिन्होने महिला सशक्तिकरण की एक उच्चतर दर्जे की मिसाल पेश की है।
पर्दे के पीछे वो जहां अपने पति की हर सुख में ढ़ाल रही और के एल ठाकुर को आजाद जिताने में अहम भूमिका निभाई थी वहीं अब सामाजिक सरोकारों को निर्वहन करने में भी पूरी तरह संजीदा है। अकेला व्यक्ति कुछ नहीं कर सकता लेकिन मिलकर बहुत कुछ कर सकते हैं के फलस्के पर चलते हुए पूनम ठाकुर ने अपने घर के साथ ही लगभग 600 राशन किटें बनाकर हर उस परिवार तक दस्तक देने का प्रयास किया जो संकट या दिक्कत में थे।
उसमें भी खास बात यह रही कि उन्होने इस सहायता को पार्टी की तरफ से भेजे गया राशन करार नहीं दिया बल्कि लोगों के दिए गए सहयोग व दूसरे लोगों के नाम को ही आगे रखा।

हर प्रभावित एरिया में पहुंचाई राहत-
उनके स्वयंसेवक व उनके पति जहां गाडियों में भर भरकर नालागढ़ विधानसभा के हर आपदा प्रभावित एरिया में राशन पहुंचाते हैं जो कि वक्त की पहली जरुरत है वहीं इसकी तैयारी दिन रात कार्य करके उनकी धर्मपत्नी पूनम ठाकुर ही करती है।
युवाओं, बुजुर्गों व अनुभवी लोगों को साथ लेकर जहां उन्होने स्वयं एक मां की भूमिका में आकर पूरे विधानसभा क्षेत्र को अपना समझा और हर छोटे बड़े दानी सज्जनों से अपील की कि इस आपदा में ज्यादा से ज्यादा योगदान करें ताकि उपमंडल में कोई भूखा न सोए।
जब सामान एकत्रित हो गया तो उन्ही लोगों के माध्यम से मकान गवा चुके या आशिंक आपदा का शिकार हुए लोगों का डाटा एकत्रित किया और उसको उसी टीम के माध्यम से गांव गांव पहुंचाया और लगभग 600 लोगों तक राहत पहुंचाई गई। जहां रास्ते नहीं वहां पैदल टीमों की डयूटी लगाई गई और इस अभियान में कुंडलू, जगनी, बाहा, मलेनी, साई चडेग, बारियां, नंड, जुखाडी, कोयरी, बुआसनी, रामशहर, भेडी, डोली और धरमाना पंचायतों को कवर किया गया। जहां से भी पंचायत प्रधान उपप्रधान का फोन या पार्टी वर्कर का फोन आया तुरंत वहां राशन, रेडीमेड शौचालय, टाईल, टैंट या अन्य जरुरत का सामान पहुंचाने में पूरी शिददत से काम किया गया।
वहीं पूनम ठाकुर ने बातचीत में कहा कि पहाडी क्षेत्र में बहुत नुक्सान हुआ है और उनकी मदद करना हमारी जिम्मेदारी हीं नहीं बल्कि कर्तव्य है। राष्ट्र धर्म को परम धर्म मानते हुए हम सब मिलकर जिसमें बहुत सारे लोग शामिल है इस आपदा में अपना सर्वस्व देकर पीड़ीतों के जख्मों पर मरहम लगाने का छोटा सा प्रयास कर रहे हैं। उन्होने इस पुनीत कार्य में सहयोग देने वाले सभी स्वयंसेवकों का आभार जताया और कहा कि यह सेवा मिशन सबकी मेहनत से सफल हुआ है और आगे भी जारी रहेगा।
