नई दिल्ली: फ्रांसीसी नेवी ने पाकिस्तान के मीडिया चैनल की पोल खोल दी है। ऑपरेशन सिंदूर और राफेल विमानों को लेकर किए गए झूठे दावों को फैलाने का गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने पाकिस्तान की कड़ी आलोचना की है। मीडिया चैनल ने यह दावा किया था कि फ्रांसीसी नौसैनिक कमांडर ने कहा है कि मई में भारत-पाकिस्तान के बीच में हुई झड़प में पाकिस्तान को सुपीरियरिटी मिली और भारतीय राफेल फाइटर जेट मार गिराए हैं।
पाकिस्तान ने बनाई झूठी कहानी
फ्रेंच की नेवी ने यह साफ कर दिया है कि जिस अधिकारी का नाम उन्होंने जैक्स लोने (Jacques Launay) बताया था उनका वास्तविक नाम कैप्टन युवान लोने (Yvan Launay) है। उन्होंने कभी कोई भी इंटरव्यू नहीं दिया और न ही किसी बयान के प्रकाशन की अनुमति दी है। चैनल की रिपोर्ट में एक-एक बात झूठी, गलत उदाहरण और गलत जानकारी भरी हुई थी। नेवी ने अपनी एक ऑफिशयल एक्स पोस्ट में कहा है कि कैप्टन लॉने के नाम पर लगाए गए सभी बयान पूरी तरह गढ़े गए हैं।
कैप्टन का कोई भारत-पाकिस्तान युद्ध से कोई संबंध नहीं
फ्रेंच नेवी के अनुसार, कैप्टन लॉने सिर्फ लैंडिविसिउ स्थित नौसैनिक एयर स्टेशन के कमांडर है। उनका इंडिया-पाकिस्तान के संघर्ष से कोई ऑपरेशनल संबंध नहीं। उन्होंने सम्मेलन में सिर्फ राफेल मरीन की तकनीकी क्षमताओं और हाई-इंटेसिटी एयर कॉम्बैट की चुनौतियों पर बात की थी। चैनल ने यह दावा किया था कि कैप्टन लॉने ने कहा कि राफेल का रडार ऑपरेशन फेल हो गया है। भारतीय पायलटों ने विमानों का सही इस्तेमाल नहीं किया। राफेल, चीन के j-10c को किसी भी स्थिति में हरा सकता है।
चीन का नहीं लिया नाम
फ्रेंच नेवी ने साफ किया है। उन्होंने कभी चीनी j-10c या J-10 का नाम लिया। न ही राफेल की किसी तकनीकी असफलता का जिक्र किया। न ही भारत के किसी नुकसान की पुष्टि या खंडन किया। फ्रांस ने कहा कि पाकिस्तान मीडिया के द्वारा ऑपरेशन सिंदूर, रडार फेलियर और चीन की भागीदारी जैसे दावे झूठी और गलत जानकारी फैलाने का काम कर हे थे।