काठमांडू: नेपाल में बालेन शाह के प्रधानमंत्री बनने के 24 घंटे के भीतर पूर्व पीएम और पूर्व गृह मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की गई। मार्च की शुरुआत में हुए चुनावों में बंपर जीत हासिल करने वाले बालेन शाह ने शुक्रवार को देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। वहीं नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें बीते साल सितम्बर में Gen-Z विरोध प्रदर्शनों को कथित तौर पर दबाने से जुड़े एक गैर-इरादतन हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया है।

ओली को शनिवार सुबह भक्तपुर के गुंडू स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया। वहीं, लेखक को सुबह करीब 5 बजे भक्तपुर के सूर्यविनायक स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया। ये गिरफ्तारियां पिछले साल जेन-जी विरोध प्रदर्शन मामले में गृह मंत्रालय की दर्ज कराई एक औपचारिक शिकायत के बाद हुई हैं। शिकायत के चलते जांच शुरू हुई और गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए। उन पर ऐसी धाराओं के तहत आरोप लगाए जाने की संभावना है, जिनमें अधिकतम 10 साल तक सजा हो सकती है। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई पूर्व स्पेशल कोर्ट जज गौरी बहादुर कार्की की अध्यक्षता वाले आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए की जा रही है।
आयोग ने सिफारिश की है कि केपी शर्मा ओली, रमेश लेखक और तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक चंद्र कुबेर खापुंग पर आपराधिक लापरवाही के लिए राष्ट्रीय दंड संहिता की धारा 181 और 182 के तहत आरोप लगाए जाएं। इसमें 10 साल तक जेल की सजा का प्रावधान है। केपी शर्मा ओली ने कहा कि राजनीतिक द्वेष के चलते उनके खिलाफ ये कार्रवाई की गई है।
पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की गिरफ्तारी पर काठमांडू पुलिस का बयान आया है। पुलिस प्रवक्ता ओम अधिकारी ने कहा कि वे आज सुबह गिरफ्तार किए गए और कानून के अनुसार आगे की प्रक्रिया चलेगी। ओली की गिरफ्तारी के कुछ मिनट बाद ही बालने शाह की सरकार में गृह मंत्री सुदान गुरुंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वादा है और कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। हमने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को नियंत्रण में ले लिया है। यह किसी से बदला नहीं है, बल्कि न्याय की शुरुआत है। मुझे विश्वास है कि अब देश नई दिशा लेगा।
