पंचायत के बिकास कार्यों को नहीं दी फूटी कौड़ी,केंद्र सरकार के सहयोग से चले हैं बिकास कार्य: भुट्टो
ऊना/सुशील पंडित: कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक दविंदर भुट्टो ने हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार पर पंचायत चुनावों में देरी को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की लेट-लतीफी के कारण केंद्र सरकार के सहयोग से पंचायतों में चल रहे विकास कार्य पूरी तरह से ठप होने की कगार पर पहुंच गए हैं। पंचायत चुनाव समय पर न कराना सीधे तौर पर ग्रामीण विकास के साथ खिलवाड़ है। पूर्व विधायक दविंदर भुट्टो ने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था लोकतंत्र की नींव है, लेकिन वर्तमान सरकार इस नींव को कमजोर करने का काम कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार ने अपने कार्य काल के तीन वर्षों में किसी भी पंचायत के विकास के लिए फूटी कौड़ी तक नहीं दी। पंचायतों में सड़क, पानी, बिजली, भवन निर्माण, नालियां, सामुदायिक भवन जैसे जरूरी विकास कार्य पूरी तरह केंद्र सरकार की योजनाओं और सहयोग पर ही निर्भर रहे हैं। भुट्टो ने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत पंचायतों में विकास कार्य निरंतर चल रहे थे, लेकिन पंचायत चुनाव न होने के कारण अब इन कार्यों पर भी संकट मंडरा रहा है। निर्वाचित प्रतिनिधियों के अभाव में न तो योजनाओं का सही क्रियान्वयन हो पा रहा है और न ही नए विकास प्रस्ताव भेजे जा पा रहे हैं। इसका सीधा नुकसान गांवों में रहने वाले आम लोगों को उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की यह उदासीनता दर्शाती है कि उसे ग्रामीण जनता की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। पंचायत स्तर पर विकास ही गांवों की प्रगति की रीढ़ होता है, लेकिन सुक्खू सरकार की नीतियों के कारण यह व्यवस्था चरमरा गई है।
भुट्टो ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर पंचायत चुनाव टाल रही है ताकि अपनी विफलताओं को छिपाया जा सके। पूर्व विधायक ने कहा कि यदि समय रहते पंचायत चुनाव नहीं कराए गए तो आने वाले समय में केंद्र सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ भी गांवों तक नहीं पहुंच पाएगा। इस मौके पर मंडल अध्यक्ष राजेंद्र मलांगड़,सतीश धीमान,अभय सिंह राणा,जगदीश सहोता आदि मौजूद रहे।