ऊना/ सुशील पंडित : वन विभाग द्वारा वन संपदा का अवैध कारोबार करने वालों पर पिछले कुछ दिनों से कड़ी कार्रवाई की जा रही है। वन विभाग की टीम ने पिछले कल गगरेट से होते हुए पंजाब जा रही 6 पिकअप गाड़ियां प्रतिबंधित लकड़ी के साथ पकड़ी हैं। विभाग ने सभी छह वाहनों को लकड़ी समेत जप्त कर लिया है। कुटलैहड क्षेत्र में हुए अवैध कटान के बाद हाई अलर्ट पर आये वन विभाग ने बीती रात्रि जिले की सीमाओं पर निगरानी बढ़ाकर पंजाब को प्रतिबंधित प्रजाति की लकड़ी से लदे वाहनों को जप्त किया है। वन विभाग ने जो गाड़ियां पकड़ी हैं उनमें लाखों रुपए की अवैध प्रतिबंधित लकड़ी पाई गई है। वन विभाग की इस कार्रवाई से इस बात की पुष्टि भी होती है की जिला भर से अवैध कटान करके कुछ लोग अवैध कटान कर पंजाब में लकड़ी बेचने के लिए कर रहे हैं।
वहीं बीती रात पंडोगा बैरियर पर वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए दो ट्रक संख्या (एचपी 11ए 3895)(एचपी 31सी 5954) अवैध प्रतिबंधित लकड़ी के लेकर जा रही पकड़ी हैं। पकड़ी गई एलपी गाड़ी के पास सारे कागज से परमिशन थी यह गाड़ी चेक पोस्ट के रूट के बिना किसी अलग रूट से जा रही थी जिसके कारण इसको पकड़ा गया ।
दूसरी गाड़ी हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी सुंदर नगर से लकड़ी लेकर पंजाब जा रही थी जिसे वन विभाग के कर्मियों ने पंडोगा फॉरेस्ट चेक पोस्ट पर रेंज ऑफिसर राहुल ठाकुर की अगुवाई में चेकिंग के लिए रोका। इन ट्रकों में प्रतिबंधित लकड़ी होने पर वन विभाग के कर्मियों ने इन्हें अपने कब्जे में लिया है। उन्होंने बताया कि इसमें एक वाहन का परमिट था पर उस परमिट पर लिखी हुई प्रजाति की लकड़ी नहीं पाई गई। जिला वन अधिकारी सुशील राणा ने कहा कि अब यह पता लगाया जा रहा है कि यह कटान सरकारी कटान तो नहीं है अगर यह सरकारी पाया गया तो इंडियन फारेस्ट एक्ट के तहत कार्यवाही की जाएगी ।
वन विभाग की टीमें लगातार चेक पोस्टों पर कड़ी निगरानी रख रही हैं किसी भी व्यक्ति को अवैध कटान या प्रतिबंधित लकड़ी काटने का अधिकार नहीं दिया जाएगा। किसी भी व्यक्ति की अवैध कटान मामले में संलिप्तता पाई जाएगी तो उस पर विभाग सख्त कार्रवाई करेगा। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अपनी निजी भूमि से लकड़ी कटवाने से पहले विभाग को सूचित करें या रेंज ऑफिसर से संपर्क करने के बाद ही लकड़ी का कटान करवाएं।