बाड़मेरः शहर के एक रेडीमेड शोरूम में भीषण आग लगने का मामला सामने आया है। आग देखते ही देखते पास की दुकानों तक भी फैल गई। फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई थी, लेकिन वह 3 घंटे लेट पहुंची, तब मौके पर लोगों ने पास की लाइब्रेरी में पढ़ रहे 10 से ज्यादा बच्चों को बाहर निकालकर सुरक्षित किया। स्थानीय लोगों, पुलिस और बीएसएफ की मदद से करीब ढाई घंटे में आग पर काबू पाया गया। आग लगने की वजह अभी सामने नहीं आई है। घटना बाड़मेर जिले के सेड़वा उपखंड के जंभेश्वर मंदिर के पास रात करीब 9 बजे की है। आग लगने की वजह सामने नहीं आई है, जबकि 4 से ज्यादा दुकानों को नुकसान हुआ है।
जानकारी मुताबिक, जंभेश्वर मंदिर के पास बने 2 मंजिला कॉम्प्लेक्स में 20 से ज्यादा दुकानें हैं। ग्राउंड फ्लोर पर स्थित श्रीराम फैशन रेडिमेड शोरूम में अचानक आग लग गई। धुआं और आग की लपटें देख आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। आग धीरे-धीरे पास की दुकानों तक फैल गई और 4 दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। शोरूम के पास ही एक लाइब्रेरी में 10 से ज्यादा बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। आग लगने के बाद लोगों ने तुरंत सभी बच्चों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इस दौरान किसी को चोट नहीं आई।

सेड़वा के एसडीएम बद्रीनारायण विश्नोई ने बताया कि आगजनी की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पीएचईडी के सहायक अभियंता और बीएसएफ के जवान भी पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाने का काम शुरू किया गया और करीब ढाई घंटे में आग पर काबू पा लिया गया। ग्रामीणों ने मांग की है कि सेड़वा में फायर ब्रिगेड की सुविधा होनी चाहिए। इस पर एसडीएम ने कहा कि वे जिला प्रशासन और विधायक को पत्र लिखकर उपखंड मुख्यालय पर फायर ब्रिगेड की व्यवस्था की मांग करेंगे।
वॉटर प्लांट संचालक मनोहर विश्नोई ने बताया कि उनका मीठे पानी का प्लांट है। सुबह के लिए उनकी 2 गाड़ियों में पहले से फिल्टर किया हुआ पानी भरा था। सूचना मिलते ही वे दो और गाड़ियां और एक टैंकर लेकर मौके पर पहुंचे। कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया गया। उन्होंने कहा कि सेड़वा बड़ा कस्बा है, लेकिन यहां आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की कोई सुविधा नहीं है।
सूचना मिलते ही सेड़वा थानाधिकारी प्रभुराम पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने मिट्टी और पानी से आग बुझाने की कोशिश शुरू की। मारवाड़ वाटर प्लांट से पानी के टैंकर मंगवाए गए। बीएसएफ के जवानों ने भी आग बुझाने में मदद की। करीब ढाई घंटे की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया गया।
