नई दिल्ली: आज 1 फरवरी को देश का बजट पेश हो रहा है। संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 9वां केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं। इस बजट से जहां टेक्सपेयर्स को राहत की उम्मीद है वहीं मिडिल क्लास से लेकर गांव किसान की नजरें सरकार पर टिकी हुई हैं। निवेशक भी यह देखना चाहते हैं सरकार ग्रोथ और वित्तीय संतुलन के बीच में कैसा तालमेल बैठाएगी। यह बजट ऐसे समय में आया है जब एक ओर देश की घरेलू मांग मजबूत बताई जा रही है तो दूसरी ओर दुनिया में उथल-पुथल भी मची हुई है। अमेरिकी टैरिफ नीतियों और भू-राजनीतिक तनावों के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे हैं।
बजट से ठीक पहले संसद में पेश इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ी तस्वीर रखी है। वर्किंग एज आबादी का फायदा मिल रहा है लेकिन हेल्थ और रोजगार की बड़ी चुनौती सामने है। आने वाले वित्त वर्ष में 6.8% से 7.2% ग्रोथ का अनुमान है। घरेलू मांग मजबूत हुई है फिलहाल हर वर्ग यही जानना चाहता है कि क्या बजट 2026 में टैक्स स्लैब में बदलाव होगा? क्या रोजगार और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर फिर से जोर रहेगा? या ग्रामीण खर्चे बढ़ेंगे।
दिल्ली वाराणसी समेत 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनेंगे
बजट में दिल्ली-वाराणसी समेत 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान किया गया है। बनारस और पटना में जहाज मरम्मत सुविधा स्थापित होगी। दिल्ली वाराणसी, वाराणसी सिलीगुड़ी में भी हाई स्पीड रेल कॉरोडिर बनेंगे। 5 सालों में पांच औद्योगिक क्षेत्रों में कार्बन कैप्चर के लिए 20 हजार करोड़ का प्रस्ताव दिया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह भी घोषणा की कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत व्यय बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है।
कैसे बढ़ी 7% ग्रोथ
वित्त मंत्री ने बताया कि हमने दूरगामी संरचनात्मक सुधारों, वित्तीय सतर्कता और मौद्रिक स्थिरता का रास्ता अपनाया। इसके साथ ही सार्वजनिक निवेश पर मजबूत जोर दिया है। आत्मनिर्भरता को मार्गदर्शक मानते हुए घरेलू विनिर्माण क्षमता मजबूत की गई। ऊर्जा, सुरक्षा को मजबूत बनाया गया और अहम आयात पर निर्भरता कम की गई है। इसके साथ ही यह सुनिश्चित किया गया है कि सरकार के हर कदम का फायदा आम नागरिकों को मिले। रोजगार सृजन, कृषि उत्पादकता, घरेलू क्रय शक्ति और सेवाओं तक सार्वभौमिक पहुंच के लिए सुधार किए गए। इन उपायों से करीबन 7 प्रतिशत की उच्च विकास दर हासिल हुई और गरीबी घटाने और लोगों के जीवन स्तर में सुधार में अहम प्रगति हुई है।
