बंगाणा के राष्ट्रीय दुग्ध दिवस कार्यक्रम में बोले मुख्यातिथि, पशु डायरी से जुड़कर युवा बने आत्म निर्भर
ऊना/ सुशील पंडित: उपमंडल बंगाणा में राष्ट्रीय दुग्ध दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस कार्यक्रम में सौ से ज्यादा किसानों ने भाग लिया। बहीं उपमंडल बंगाणा के वरिष्ठ पशु चिकित्सक अधिकारी डॉ राजेश कुमार जंगा ने कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की और लाठियानी पशु अस्पताल के प्रभारी डॉ अभिनव राणा, डॉ दीपिका ठाकुर, डॉ श्रेया ठाकुर, विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी ने किसानों को अच्छी नस्ल के पशु रखने और उन्हें समय समय पर टीकाकरण करवाने पर बल दिया। डॉ राजेश कुमार जंगा ने संबोधन में कहा कि भारत में प्रथम बार डॉ. वर्गीज कुरियन जिन्हें भारत में श्वेत क्रांति के जनक’ के रूप में जाना जाता है।
उन्होंने भारत के विभिन्न जगहों पर जाकर किसानों और श्रमिकों द्वारा चलाए जा रहे 30 संस्थानों की स्थापना की। उन्ही के प्रयासों के परिणाम स्वरूप भारत वर्ष 1998 में अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए दूध का सबसे बड़ा उत्पादक बन गया था। उन्होंने कहा कि दूध योजना’ के प्रबंधन में भी मदद की और कीमतों में सुधार किया।
उन्होंने भारत को खाद्य तेलों में आत्मनिर्भर बनने में भी मदद की। डॉ जंगा ने कहा कि इसने डेयरी किसानों को स्वयं के विकास के लिये निर्देशित करने में मदद की, उनके संसाधनों पर उन्हें नियंत्रण प्रदान किया। इसने 2016-17 में भारत को विश्व में दूध का सबसे बड़ा उत्पादक बनने में मदद की। डॉ राजेश ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश होने के परिणामस्वरूप दुनिया का 22.0% से अधिक और एशिया के कुल दूध उत्पादन का 57% हिस्सा कवर करता है।
भारत का दूध उत्पादन वर्ष 1951 के 17 मिलियन टन से बढ़कर वर्तमान में 187.7 मिलियन टन हो गया है। उन्होंने कहा कि आज राज्य सरकार किसानों के लिए कई योजनाओं को धरातल पर उतार कर लाभ पहुंचा रही है। सभी किसान किसान क्रेडिट कार्ड ओर कृषि कार्ड जरूर बनाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान संयम में उपमंडल बंगाणा अजय जसवाल जैसे कई किसान हैं।
जिन्होंने डायरी या गॉट फॉर्म खोलकर अपनी आर्थिकी मजबूत की है। इसलिए युवा वर्ग भी आत्म निर्भर बनने के लिए राज्य सरकार द्वारा गाय भैंस,बकरी योजना को अपनाए। ओर घर बैठे आर्थिकी मजबूत करें। इस मौके पर फार्मासिस्ट बलबीर सिंह, सुरेश कुमार ,वीरेंद्र ठाकुर, मुकेश रत्न, अंकुश शर्मा , नरेश कुमार बीडीसी सदस्य जोगेंद्र देव आर्य ओर भारी संख्या में किसान मौजूद रहे।