नई दिल्ली: भारत और अमेरिका में ट्रेड डील को लेकर अब चीजें साफ हो चुकी हैं। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने खुद इस बारे में जानकारी दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर कर उन्होंने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व में भारत ने अमेरिका के साथ एक अंतरिम समझौते के लिए रुपरेखा बना ली है। दोनों देशों ने संयुक्त बयान में कहा है कि अमेरिका और भारत इस फ्रेमवर्क को जल्दी लागू कर देगा। दोनों देशों ने इसे अपनी साझेदारी में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया है।
किसान और मछुआरों को होगा फायदा
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि इससे भारतीय निर्यातकों खासतौर पर एमएसएमई किसान और मछुआरों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर के विशाल बाजार के द्वार खुलेंगे। निर्यात में बढ़ोतरी से महिलाओं और युवाओं के लइए लाखों नए रोजगार के मौके मिलेंगे। इस फ्रेमवर्क के अंतर्गत अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर रेसिप्रोकल टैरिफ कम करके 18 फीसदी करेगा। इससे दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में कपड़ा, चमड़ा, फुटवियर, प्लास्टिक और रबर उत्पाद, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर, हस्तशिल्प और चुनिंदा मशीनरी जैसे प्रमुख क्षेत्रों से जुड़ी भारतीय उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंच मिलेगी।
Under the decisive leadership of PM @NarendraModi ji, India has reached a framework for an Interim Agreement with the US. This will open a $30 trillion market for Indian exporters, especially MSMEs, farmers and fishermen. The increase in exports will create lakhs of new job… pic.twitter.com/xYSjxML6kt
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) February 7, 2026
पीयूष गोयल ने बताया कि जेनेरिक फॉर्मास्यूटिकल्स, जेम्स एंड डायमंड्स और विमान पुर्जों सहित कई वस्तुओं पर टैरिफ शून्य कर दिए जाएंगे। इससे भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धा और मेक इन इंडिया को और भी ज्यादा मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि यह समझौता किसानों के हितों की सुरक्षा और ग्रामीण अजीविका को बनाए रखने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
आर्थिक सहयोग में मिलेगी मदद
पीयूष गोयल ने यह भी बताया कि मक्का, गेहूं, चावल, सोया, पोल्ट्री, दूध, पनीर, एथेनॉल, तंबाकू, कुछ सब्जियां और मांस जैसे संवेदनशील, कृषि और डेयरी उत्पादों को पूरी तरह से संरक्षित रखा गया है। यह समझौता भारत और अमेरिका को अपने आर्थिक सहयोग को और गहराई देने के साझा संकल्प के साथ आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह हमारे नागरिकों और व्यवसायों के लिए विकास के लिए जरुरी है।
बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। इसके अंतर्गत भारत पर रुसी तेल खरीद के कारण लगाया गया 25 फीसदी टैरिफ पूरी तरह से हटा दिया गया है। भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को बड़ा ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि दोनों पक्ष मार्च तक औपचारिक व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने का लक्ष्य रख रहे हैं। इसके बाद भारत अमेरिका से आयात किए जाने वाले कई उत्पादों पर टैरिफ कम करेगा।
18 फीसदी टैरिफ लगाएगा अमेरिका
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, भारत अमेरिका के औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर अपने टैरिफ को या तो हटा देगा या फिर कम कर देगा। इसमें मेवे, फल, सोया तेल, शराब और बाकी खाद्य उत्पाद शामिल हैं। अमेरिका भी वस्त्र, परिधान, रसायन और मशीनरी, जैसी भारतीय वस्तुओं पर 25 फीसदी की जगह 18 फीसदी रेसिप्रोकल टैरिफ लगाएगा। इसके अलावा अमेरिका ने भारतीय एयरक्राफ्ट और एयरक्राफ्ट पार्ट्स पर लगे टैरिफ को हटाने की भी सहमति जताई है। वहीं भारत को ऑटो पार्ट्स पर प्रायोरिटी टैरिफ रेट कोटा मिलेगा।
