एडीसी पहुंचे मौके पर, दो डॉक्टरों पर मामला दर्ज
तीन सदस्यीय जांच समिति गठित
ऊना/सुशील पंडित: उपमंडल बंगाणा के अंतर्गत आते गांव जसाणा के 30 वर्षीय युवक नीतीश कुमार की मौत को लेकर क्षेत्रीय अस्पताल ऊना पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं। पीजीआई चंडीगढ़ में मृत्यु के बाद परिजनों ने ऊना क्षेत्रीय अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात डाक्टरों पर समय रहते इलाज न देने का आरोप लगाते हुए क्षेत्रीय अस्पताल परिसर में शव रखकर धरना प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी गौरव भारद्वाज की मौजूदगी में परिजनों के साथ तीखी बहस भी हुई, जिसके बाद अस्पताल परिसर में पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई।तब मौके पर एडीसी महिंदर पाल गुज्जर पहुंचे और परिजनों को शांत करवा निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय चिकित्सकीय जांच समिति गठित की गई है। यह समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट देगी, जिसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं पुलिस को दी शिकायत में मधु बाला पत्नी स्वर्गीय नीतीश कुमार गांव व डाकघर जसाना, तहसील बंगाणा, जिला ऊना की शिकायत पर डॉ. सुचरिता लट्ठ, डॉ. राहुल आर.एच. ऊना के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है।
मधु बाला ने आरोप लगाया कि गांव जसाना में बरसात के दौरान फुटपाथ पर गिरने के कारण इसके पति के सिर पर चोट लग गई थी जिन्हें सरकारी अस्पताल बंगाणा से क्षेत्रीय अस्पताल ऊना रैफर किया गया था। ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर डॉ. सुचरिता लट्ठ ने मरीज का उचित मूल्यांकन और प्रबंधन नहीं किया तथा कॉल पर मौजूद कंसल्टेंट डॉक्टर राहुल न तो आए और न ही मरीज की देखभाल की, न ही इंट्यूबेशन या न्यूरोलॉजिकल जांच जैसी कोई जीवन रक्षक प्रक्रिया अपनाने का प्रयास किया।
जिन्हें बाद में पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया तथा डयूटी एम.ओ. द्वारा एक घंटे बाद एम्बुलेंस को वापस बुलाया गया और इंट्यूबेशन के बाद आगे के इलाज में 2.05 घंटे की देरी हुई और इसके पति को वापस फिर पी.जी.आई चंडीगढ़ भेजा गया। वहां डॉक्टरों ने प्रभावी इंट्यूबेशन के अभाव में इनके पति को मृत घोषित कर दिया।
मृतक नीतीश अपने पीछे पत्नी, छह माह का मासूम बेटा और वृद्ध माता को छोड़ गया है। पूरे परिवार में गहरा शोक और आक्रोश है। वहीं पुलिस ने दोनों डाक्टरों के विरुद्ध 106(1),3(5) वीएनएस के तहत थाना सदर ऊना में मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है।