परिषद के अधिकारी बोले – निष्पक्ष जांच के बाद आरोपी के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
बठिंडाः शहर के रामपुरा फूल नगर परिषद में पानी और सीवरेज बिलों की वसूली में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। शहरवासियों से वसूले गए पैसे को परिषद के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया गया और कथित तौर पर उन्हें फर्जी रसीदें जारी कर दी गईं। मामला सामने आने पर परिषद अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि 2021 से ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बावजूद कई उपभोक्ताओं को फर्जी रसीदें दी जा रही थीं या उनके ऑनलाइन भुगतान अस्वीकार किए जा रहे थे।
इस घोटाले से नगर परिषद को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है, जबकि आम लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। कई शहरवासियों का कहना है कि उन्होंने समय पर सभी बकाया राशि जमा कर दी थी, लेकिन अब वे भुगतान रिकॉर्ड में गायब दिखाए जा रहे हैं। यह मामला तब सामने आया जब कुछ लोग एनओसी और अन्य कार्यों के लिए परिषद कार्यालय पहुंचे और उन्हें पता चला कि उन्होंने जो बिल भरे थे, वे परिषद के रिकॉर्ड में मौजूद ही नहीं हैं। इसके बाद यह मामला शहर में चर्चा का विषय बन गया।
भुगतानकर्ता अमनदीप सिंह ने बताया कि उन्होंने परिषद में 15,000 रुपए का पानी और सीवरेज बिल जमा किया था। उन्होंने कहा, “जैसे ही वह अंदर गया, कर्मचारी ने बैठते ही उसे जूस पिलाया और उसकी सेवा देखकर वह हैरान तो हुआ, लेकिन उसे शक भी हुआ कि कुछ गड़बड़ है। किसे पता था कि मेरे पैसे खजाने में जाने के बजाय उसकी जेब में चले जाएंगे।”
परिषद के कार्यकारी अधिकारी रजनीश कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच चल रही है और अब तक एक कर्मचारी से परिषद के खाते में 5 लाख 45 हजार जमा हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस धोखाधड़ी का खुलासा होने के बाद, सैकड़ों निवासी अपनी रसीदें लेकर परिषद के चक्कर लगा रहे हैं। कई लोगों ने कहा कि अब वे ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता आर. एस. जेठी ने कहा कि यह जनता के पैसे का गंभीर दुरुपयोग है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
