पचंकूलाः हरियाणा में पंचकूला पुलिस की एंट्री इमिग्रेशन यूनिट ने ऑस्ट्रेलिया भेजने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह को पकड़ा है। आरोपियों ने ऑस्ट्रेलिया भेजने का झांसा देकर युवक से 12 लाख रुपये ठग लिए और उसे फर्जी वीजा थमा दिया। पुलिस ने पति-पत्नी समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ अम्बाला व पंचकूला में 6 मामले पहले से दर्ज है, वहीं यमुनानगर में भी शिकायतें दर्ज है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी वर्ष 2022 से फर्म चला रहे थे। आरोपियों के कब्जे से 3 लाख 35 हजार कैश व 5 मोबाइल फोन बरामद किए गए। आरोपियों का रिमांड खत्म होने के बाद चारों को आज न्यायिक हिरासत भेज दिया गया है। डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने बताया कि 17 मार्च को पहले आरोपी हरप्रीत निवासी अंबाला को लुधियाना से गिरफ्तार किया। हरप्रीत को 18 मार्च को कोर्ट में पेश कर 6 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया।
रिमांड के दौरान की गई पूछताछ के दौरान पुलिस ने 19 मार्च को अन्य आरोपी हरभजन, उसकी पत्नी नेहा और चिराग नरुला को गिरफ्तार कर 20 मार्च को कोर्ट में पेश कर 4 दिन का पुलिस रिमांड हासिल कर पूछताछ कर अन्य आरोपियों की तलाश जारी रखी। आरोपियों के खिलाफ पहले से ही अंबाला में 6 मामले दर्ज हैं। दिसंबर में मामला दर्ज होने के बाद आरोपी ऑफिस छोड़कर भाग गए थे। पंचकूला पुलिस ने सेक्टर-5 थाना में 27 फरवरी को 2026 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 61, 308(3), 338, 340, 316(2), 318(4) दर्ज किया गया था। लुधियाना निवासी शिकायतकर्ता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह वर्क वीजा पर ऑस्ट्रेलिया जाना चाहता था। इसी दौरान वह अपने रिश्तेदार के साथ अंबाला स्थित एक इमिग्रेशन ऑफिस में गया। जहां उसकी मुलाकात हरभजन सिंह, हरप्रीत उर्फ बम्पी, चिराग नरुल्ला और नेहा से हुई। आरोपियों ने उसे विश्वास में लेकर ऑस्ट्रेलिया भेजने का भरोसा दिया 12 लाख रुपए में वीजा लगवाने की बात तय की।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान 3 लाख 35 हजार कैश, 5 मोबाइल और दस्तावेज बरामद किए है। आरोपियों द्वारा घटना स्थल की निशानदेही भी करवाई गई है। फिलहाल सभी आरोपियों का पुलिस रिमांड पूरा होने के बाद उन्हें आज न्यायिक हिरासत भेज दिया है। आरोपियों ने योजना के तहत पहले पीड़ित का पासपोर्ट और दस्तावेज ले लिए। बाद में उसे बताया कि उसका वीजा लग चुका है। इसके बाद 8 नवंबर 2025 को पंचकूला सेक्टर-5 स्थित एक रेस्टोरेंट में बुलाकर आरोपियों ने उससे 12 लाख रुपए नकद ले लिए और उसे एक फर्जी वीजा थमा दिया। इतना ही नहीं, पीड़ित को विश्वास में लेने के लिए आरोपियों ने वीजा को ऑनलाइन भी चेक करवाया। वीजा मिलने के बाद पीड़ित ने लगभग 5 लाख रुपए खर्च कर टिकट, होटल बुकिंग और अन्य व्यवस्थाएं कर लीं, लेकिन बाद में जांच करने पर वीजा फर्जी निकला।
इसके बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। जांच के दौरान पुलिस ने वॉट्सएप चैट, बैंक स्टेटमेंट और फर्जी वीजा दस्तावेज जैसे अहम साक्ष्य जुटाए। तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने पहले आरोपी हरप्रीत सिंह को लुधियाना से गिरफ्तार किया और उसकी निशानदेही पर अन्य आरोपियों हरभजन सिंह, चिराग नरुल्ला और नेहा को उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से गिरफ्तार किया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने आपस में मिलकर एक सुनियोजित साजिश के तहत यह ठगी की थी। इस मामले में 2 आरोपी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा लगातार रेड की जा रही है।
