चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद मलविंदर सिंह कंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर फर्जी और एडिट किए गए वीडियो के माध्यम से सिखों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले भाजपा नेता कपिल मिश्रा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कंग ने कहा कि पंजाब और दिल्ली की फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरीज (एफएसएल) की जांच में स्पष्ट हो गया है कि वीडियो फर्जी था और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी पर झूठे आरोप लगाए गए थे। उन्होंने इसे सांप्रदायिक सौहार्द भड़काने की जानबूझकर की गई कोशिश करार दिया।
कंग ने कहा कि कपिल मिश्रा ने राजनीतिक लाभ के लिए सिख धर्म को हथियार बनाया और यह कोई गलती नहीं बल्कि एक जानबूझकर की गई धोखाधड़ी है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि इस मामले में तुरंत दखल दिया जाए, जिसमें मिश्रा को सभी पदों से हटाना और उनके कार्यों की सार्वजनिक निंदा करना शामिल हो। कंग ने कहा कि समय पर कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि गुरुओं की पवित्रता और धार्मिक आस्था से समझौता नहीं किया जा सकता।
सांसद ने यह भी बताया कि यह घटना गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के समय हुई, जो धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अपनी जान कुर्बान कर गए थे। कंग ने जोर देकर कहा कि सिख समुदाय न्याय और सद्भाव के लिए मजबूती से खड़ा रहेगा और किसी भी राजनीतिक लाभ के लिए धर्म को बदनाम करने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेगा।