जालंधर (वरुण)। एक्साईज विभाग द्वारा वर्ष 2023-24 में आने वाली पालिसी को लेकर द्वितीय बैठक आज जालंधर में की गई। जिसमें एक्साईज कमिश्नर वरुण रूजम, एक्साईज ज्वाईंट कमिश्नर नरेश दुबे, एक्साईज डिप्टी कमिश्नर जालंधर जोन राजपाल सिंह खैरा, असिस्टेंट कमिश्नर, एक्साईज आफिसर व अन्य अधिकारी मौजूद थे। इस बैठक में जालंधर, होशियारपुर, नवां शहर और कपूरथला के लाईसैंसी धारक ठेकेदार मौजूद रहे। इस दौरान ठेकेदारों ने आने वाली एक्साईज पालिसी को लेकर सुझाव दिए। ठेकेदारों का कहना है कि एल-वन प्रक्रिया को रद्द कर रिटेल ठेकेदारों को एल-वन दिेए जाएं। वर्ष 2022-23 की पालिसी में शराब को सस्ती दरों पर बेचे जाने का प्रस्ताव था, लेकिन ठेकेदारों को जो शराब की क्वाटिंटी की सप्लाई का अनुमान था उसमें ज्यादा लाभ नहीं हुआ। क्योंकि इस पॉलिसी के तहत 50 प्रतिशत से ज्यादा ठेकेदार नुक्सान मे आ गए हैं।

एल-वन को बंद कर सीधा डिस्ट्रलरियों व फैक्ट्रियों से माल उठाने का ठेकेदारों ने सुझाव दिया। इसमे एल-वन की जरूरत नहीं है। ताकि लाईसैंस धारक अपने लाईसैंस पर माल मंगवा सकें। देसी शराब का कोटा जोकि 50 से 75 की क्वांटिटी पर फिक्स है, लेकिन अंग्रेजी शराब का कोटा फ्री है। ऐसे में सभी ने सुझाव यही दिया कि शराब फिक्स कोटे में ही मिलनी चाहिए। ओपन कोटे से नुक्सान हो रहा है। अगर फिक्स कोटा होगा तो पता चल जाएगा और ठेकेदारों का शराब बेचने का भाव फिक्स हो जाएगा। ठेकेदारों ने कहाकि पंजाब सरकार ठेकेदारों का ख्याल कर अच्छी एक्साईज पालिसी लाए, जिसमें शराब का मिनिमम रेट फिक्स किया जाए, जिससे ठेकेदार कम से कम सरकारी लाईसैंस फीस की भरपाई कर सकें।
एक्साईज कमिश्नर पंजाब वरुण रूजम ने ठेकेदारों के सुझावों को सुनकर कहाकि जल्द ही अन्य जिलों के ठेकेदारों से बैठक कर सुझाव एकत्रित किेए जाएंगे। पंजाब सरकार द्वारा वर्ष 2023-24 में आने वाली पालिसी पर गहन विचार करके ही नई पालिसी लाई जाएगी।