अजमेरः दो भाइयों के संदूक में दम घुटने से मौत होने का मामला सामने आया है। जब शाम को परिजन घर पहुंचे और बच्चे नहीं मिले तो उन्होंने बच्चों की खोजबीन की तो दोनों संदूक में बेसुध अवस्था में मिले। परिजन उन्हें लेकर सामुदायिक चिकित्सालय पहुंचे जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

जानकारी मुताबिक, एक बेवा लाडली खातुन निवासी नाथूथाला मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करती है। वह अपने 2 बच्चों 6 साल का साबिर चीता और 4 साल के समीर को घर पर ही छोड़कर गए थे। पीछे से खेल-खेल में ही दोनों संदूक में घुस गए और ऊपर का ढक्कन बंद हो गया। आस-पास कोई नहीं होने से वह संदूक का दरवाजा खोल न सके। जब घरवालों ने घर में बच्चों को नहीं देखा तो वह उन्हें ढूंढने लगे। शक होने पर जब उन्होंने संदूक की तलाशी ली तो बच्चे अंदर पड़े हुए मिले। परिजन आनन-फानन में उन्हें पीसांगन सामुदायिक चिकित्सालय लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर थानाधिकारी प्रहलाद सहाय टीम के साथ पहुंचे और पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए।
