इंडियानाः अमेरिका के इंडियाना राज्य में दर्दनाक सड़क हादसे से व्यक्ति की मौत हो गई। इस घटना में भारतीय ट्रक ड्राइवर की लापरवाही के आरोप लगे है। जिसके बाद पुलिस ने ड्राइवर सुखदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि उसने यातायात नियमों का उल्लंघन करते हुए रेड लाइट पार की। जिसके बाद घटना में 3 वाहन आपस में टकरा गए। इस भीषण टक्कर में एक 64 वर्षीय बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई जिसके बाद स्थानीय पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। वर्तमान में संघीय इमिग्रेशन अधिकारी और स्थानीय पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूएस 36 और काउंटी रोड 525 ईस्ट के जंक्शन पर पूर्व की ओर जा रहा एक फ्रेटलाइनर ट्रैक्टर-ट्रेलर रेड लाइट पर नहीं रुका और उत्तर की ओर जा रही शेवरले पिकअप से टकरा गया। रिपोर्ट के अनुसार, सुखदीप सिंह को मई 2025 में इंडियाना से कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस (CDL) जारी किया गया था। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि दुर्घटना में शराब या नशीले पदार्थों की कोई भूमिका थी या नहीं। जांच एजेंसियां वाहन के डेटा, ब्रेक के निशान और ट्रैफिक सिग्नल के टाइमिंग की जांच कर रही हैं।
हेंड्रिक्स काउंटी शेरिफ कार्यालय ने पुष्टि की है कि इंडियाना स्टेट पुलिस ने सिंह को हिरासत में लेकर संघीय अधिकारियों को सौंप दिया है। घटनास्थल से प्राप्त वीडियो फुटेज में पुलिसकर्मियों को क्षतिग्रस्त ट्रक के पास खड़े आरोपी को हथकड़ी लगाते हुए स्पष्ट देखा जा सकता है। फिलहाल एजेंसियां ट्रक के डेटा, ब्रेक के निशान और ट्रैफिक सिग्नल की टाइमिंग की बारीकी से जांच कर रही हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दुर्घटना के समय ड्राइवर किसी प्रकार के नशे या नशीले पदार्थों के प्रभाव में था या नहीं।
फोरेंसिक टीमें और यातायात विशेषज्ञ इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या यह केवल मानवीय भूल थी। अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि ट्रक की रफ्तार और सिग्नल की टाइमिंग में कितना अंतर था। अमेरिका में हाल के दिनों में विदेशी मूल के ट्रक ड्राइवरों और उनके लाइसेंस की प्रक्रिया को लेकर सुरक्षा चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग ने कहा है कि यातायात नियमों और भाषा की कम जानकारी वाले ड्राइवरों से सड़क सुरक्षा को खतरा है। इंडियाना और अन्य राज्यों में हुई हालिया मौतों ने गैर-नागरिक ड्राइवरों की निगरानी और सख्त करने की मांग तेज की है।