नई दिल्लीः बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने नई गाइडलाइंस जारी कर दी है। बैलट पेपर के लिए जारी नई गाइडलाइन बिहार से होगी। जिसमें ईवीएम में पहली बार उम्मीदवारों की रंगीन फोटो दिखाई देंगी। इसके साथ ही सीरियल नंबर भी अधिक प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। बिहार में प्रयोग होने के बाद अन्य राज्यों में इसे बाद में लागू किया जाएगा। ईसीआई की इस नई गाइडलाइंस के तहत, उम्मीदवार का चेहरा बैलेट पेपर पर तीन-चौथाई के हिस्से को घेरेगा। इससे मतदान की पहचान करने में आसानी होगी।

इसके अलावा सीरियल नंबर्स को भी अब पहले से ज्यादा प्रमुखता दी जाएगी। निर्वाचन आयोग ने चुनाव की पारदर्शिता बनाए रखने के साथ-साथ मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ये गाइडलाइंस जारी की हैं। बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव के तारीखों की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है लेकिन अक्टूबर या नवंबर के पहले या दूसरे सप्ताह में चुनाव कराया जा सकता है। चुनावों की तारीख दिवाली और छठ को ध्यान में रखकर तय की जाएगी। वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है, इसलिए चुनाव प्रक्रिया इससे पहले पूरी हो जाएगी।
ये गाइडलाइंस की जारी
- भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने ईवीएम मतपत्रों की स्पष्टता और पठनीयता बढ़ाने के लिए चुनाव संचालन नियम, 1961 के नियम 49बी के तहत मौजूदा दिशानिर्देशों में संशोधन किया है।
- यह पहल पिछले 6 महीनों में चुनाव प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और बेहतर बनाने तथा मतदाताओं की सुविधा बढ़ाने के लिए ईसीआई द्वारा पहले ही की जा चुकी 28 पहलों के अनुरूप है।
- अब से, ईवीएम मतपत्र पर उम्मीदवारों की तस्वीरें रंगीन छपी होंगी। बेहतर दृश्यता के लिए उम्मीदवार का चेहरा फोटो के तीन-चौथाई हिस्से पर होगा।
- उम्मीदवारों/नोटा के क्रमांक अंतर्राष्ट्रीय भारतीय अंकों में मुद्रित किए जाएंगे। स्पष्टता के लिए फ़ॉन्ट का आकार 30 होगा और बोल्ड में लिखा जाएगा।
- एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए, सभी उम्मीदवारों/नोटा के नाम एक ही फ़ॉन्ट प्रकार और आसानी से पढ़े जाने के लिए पर्याप्त बड़े फ़ॉन्ट आकार में मुद्रित किए जाएंगे।
- ईवीएम मतपत्र 70 जीएसएम कागज़ पर मुद्रित किए जाएँगे। विधानसभा चुनावों के लिए, निर्दिष्ट आरजीबी मानों वाले गुलाबी रंग के कागज़ का उपयोग किया जाएगा।
- आगामी चुनावों में उन्नत ईवीएम मतपत्रों का उपयोग किया जाएगा, जिसकी शुरुआत बिहार से होगी।
